जामुन की गुठली डायबिटीज यानी मधुमेह (Diabetes) के मरीजों के लिए रामबाण इलाज है। इसका नियम रूप से सेवन करने से डायबिटीज कंट्रोल होने के साथ ही जड़ से खत्म भी हो सकती है।
Jamun Seeds Use : इस समय जामुन का सीजन चल रहा है और हर तरफ मार्केट में जामुन ही जामुन हैं। ऐसे में हर कोई काले-काले और मीठे जामुन खाना चाहता है। गौरतलब है कि जामुन एक बेरी है जिसमें गुठली भी होती है, लेकिन यह अन्य फलों की गुठली से अलग होती है। जामुन खाने से भी ज्यादा फायदे इसकी गुठली में हैं, जिनको जान कर आप हैरान हो जाएंगे।
डायबिटीज में फायदेमंद जामुन की गुठली
जामुन की गुठली डायबिटीज यानी मधुमेह (Diabetes) के मरीजों के लिए रामबाण इलाज है। इसका नियम रूप से सेवन करने से डायबिटीज कंट्रोल होने के साथ ही जड़ से खत्म भी हो सकती है। इसके अलावा जामुन की गुठली कैंसर से भी बचाव करता है। इसके साथ ही यदि किसी को पथरी है तो जामुन के पाउडर (Jamun Seeds Powder) का सेवन पथरी को गला कर उसे शरीर से बाहर निकाल देता है। जामुन में विटामिन सी और आयरन की भरपूर मात्रा होती है जो शरीर में खून बढ़ाने में भी मदद करता है। ऐसे में अगर किसी को एनीमिया है तो वो भी जामुन का फल और उसके गुठलियों का सेवन कर सकता है।
जामुन की गुठली का पाउडर ऐसे बनाएं
जामुन खाने के बाद इसकी गुठली का पाउडर बनाकर इसे आप सालभर स्टोर कर सकते हैं। इसका नियमित सेवन शरीर के लिए काफी फायदेमंद है और कई बीमारियों के इलाज में भी असरदार है। सबसे पहले आपने जो जामुन खाये हैं उनकी गुठलियों को अच्छे से गुनगुने पानी में धो लें ताकि उस पर लगा जूठन साफ हो जाए। इसके बाद, उसको हल्की धूप में सुखा लें। यह भी ध्यान रहे कि इन्हें कड़क धूप में नहीं सुखाएं अन्यथा इसमें मौजूद सारे गुण खत्म हो जाएंगे।
ऐसे करें इस्तेमाल
जब जामुन की गुठलियां सूख जाएं तो इन्हें दरदरा होने तक पीस लें और एक छननी से छान कर इसके पाउडर को साफ की हुई कांच की एयरटाइट ढक्कन वाले जार (बर्तन) में भर कर सूखी जगह पर रख दें। जब भी इसका यूज करें तो साफ चम्मच से निकाल कर वापस एयरटाइट कंटेनर को बंद कर दें।