मलेरिया प्लासमोडियम परजीवी से संक्रमित मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया में खानपान का विशेष ध्यान देना चाहिए। क्योंकि कुछ खाद्य पदार्थ बीमारी को कम करते हैं तो कुछ बढ़ा देते हैं। इसलिए चलिए जानें कि मलेरिया मे क्या खाएं और किन चीजों से परहेज करें।
मलेरिया का बुखार एक निश्चित समय पर आता है विशेषकर शाम के समय। तेज ठंड और कंपकपी के साथ इसक बुखार चढ़ता है। इसके साथ ही तेज बुखार, सिरदर्द, गले में खराश, पसीना आना, थकान, बैचेनी और उल्टी आने की समस्या बढ़ती है। खानपान अगर सही न हो तो मरीज बेहद कमजोरी और थका हुआ महसूस करता है। इसलिए खानपान को लेकर सर्तक रहना जरूरी है, क्योंकि लापरवाही से प्लेटलेट्स कम होने लग सकते हैं।
मलेरिया मे क्या खाएं
मलेरिया के मरीजों को प्राथमिक स्तर पर नारियल पानी और संतरे का जूस पीना बहुत फायदेमंद होता है। विटामिन सी युक्त चीजें पीने से शरीर जल्दी रिकवर करता है और इम्युनिटी डवलप होती है। सब्जियों के साथ दलिया और अनाज का बी इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही दूध पीना बहुत जरूरी है। मलेरिया के मरीजों को सुबह के नाश्ते में दूध, फल और जूस का सेवन करना चाहिए। जबकि दोपहर और रात के भोजन में सब्जी और रोटी और ज्यादा मात्रा में हरी सब्जी का सेवन करना चाहिए
किन चीजों से करें परहेज
मलेरिया के मरीजों को खट्टे पदार्थों से दूर रहना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि मलेरिया में मुंह का स्वाद बिगड़ जाता है। ऐसे में लोग चटपटा खाने की सोचते हैं। कई लोग इसके लिए अचार का सहारा लेते हैं। मलेरिया या सामान्य बुखार में भी अचार का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इसके अलावा चावल, दही, केला, शराब, चाय, कॉफ़ी, मांसाहारी भोजन और मसालेदार चीजों से परहेज करना चाहिए।
डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।