मामला आजीवन सहयोग निधि का, समीक्षा बैठक में हुआ खुलासा
इंदौर। कभी-कभी अपनों की वजह से ही नीचा देखना पड़ जाता है। ऐसा ही किस्सा दीनदयाल भवन में हो गया, जब आजीवन सहयोग निधि की प्रभारी महापौर मालिनी गौड़ पूरे शहर की समीक्षा कर रही थीं। युवा मोर्चा की बारी आई तो अध्यक्ष ने साफ कर दिया कि ४ नंबरी ही हिसाब नहीं दे रहे हैं। ये सुनकर गौड़ सकते में आ गईं।
संगठन को चलाने के लिए भाजपा हर साल आजीवन सहयोग निधि इक_ा करती है। इंदौर को इस बार एक करोड़ ३० लाख रुपए इक_ा करने का लक्ष्य दिया गया था जिसके लिए महापौर मालिनी गौड़ को प्रभारी बना गया। पार्टी ११ फरवरी को दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि को समर्पण दिवस के रूप में मनाती है और उसका प्रयास रहता है कि एक दिन में सारी राशि इक_ा होकर जमा हो जाए, पर ऐसा हुआ नहीं।
अब तक इंदौर में लक्ष्य से काफी पीछे है, क्योंकि ८० से ९० लाख रुपए के बीच में रुपए जमा हुए हैं। इधर, प्रदेश संगठन का दबाव है कि मई में सारा हिसाब-किताब खत्म कर दिया जाए। इसको लेकर दो दिन पहले दीनदयाल भवन में एक बैठक बुलाई गई थी जिसमें गौड़ के अलावा वरिष्ठ नेता मधु वर्मा भी प्रमुख रूप से मौजूद थे। सिलसिलेवार मंडलों से जानकारी ली गई और बाद में मोर्चा प्रकोष्ठों की बारी आई।
चर्चा के दौरान भाजयुमो अध्यक्ष मनस्वी पाटीदार से पूछा गया। जवाब में पाटीदार ने बताया कि हमें १० लाख का लक्ष्य दिया था जिसमें से ८ लाख रुपए जमा करा दिए हैं। इस पर गौड़ ने सवाल खड़े किए कि अब तक क्यों नहीं हो पाया, जल्दी करना चाहिए? इस पर पाटीदार ने बोल दिया कि भाभी तीन और चार नंबर के कारण ही हिसाब अटका हुआ है।
लगातार बोलने के बावजूद कोई ध्यान नहीं देता है बाकी सब जगह से तो हिसाब आ गया। ये सुनकर गौड़ भी सन्न रह गईं। हालांकि बाद में उन्होंने क्षेत्र के जवाबदारों को तुरंत हिसाब देने के निर्देश दिए। आखिर में तय हुआ कि सभी १ जून तक अपना-अपना हिसाब किताब दे देंगे। उससे पहले वे पूरी ताकत लगाकर लक्ष्य पाने का प्रयास कर लें।
शुरू होगा बैठकों के दौर
विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना शुरू कर दिया है। ३० मई तक मंडल स्तर पर वार्ड के पालक और संयोजकों की बैठक होगी। ५ जून को बूथ के संयोजकों की बैठक वार्ड स्तर पर रखी जाएगी। इसमें बूथ इकाई के सदस्यों को बुलाकर काम पर लगाया जाएगा। मतदाता सूची के पेज स्तर पर प्रभारी बनाने की तैयारी है।