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BJP के विधायक जी ‘6 हजार’ महिलाओं को कराएंगे ‘खाटू श्याम’ के दर्शन

Shree Khatu shyam darsan: महिलाओं का पहला जत्था 2 मई को रवाना होगा। प्रभारी दीपेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुचारू व्यवस्था के लिए विधायक के साथ 100 से अधिक पुरुष कार्यकर्ता भी यात्रा में शामिल होंगे।
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Toran Dwar - File PIC

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Shree Khatu shyam darsan: महिलाओं की आस्था और धार्मिक सहभागिता को बढ़ावा देने हेतु सनातनी विधायक ने बड़ा कदम उठाया है। वे 6 हजार महिलाओं से ज्यादा महिलाओं को खाटू श्याम के दर्शन कराएंगे। जानकारी के लिए बता दें कि इंदौर के विधायक गोलू शुक्ला द्वारा मातृशक्ति खाटू श्याम यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस यात्रा के माध्यम से 6000 से अधिक महिलाओं को खाटू श्याम के दर्शन कराए जाएंगे यात्रा को चार चरणों में होगी। विधानसभा 3 के चारों मंडलों से 1500-1500 महिलाओं का पंजीयन कर उन्हें यात्रा में शामिल करेंगे।

सुचारू व्यवस्था के लिए शामिल होंगे 100 पुरुष

जानकारी के अनुसार राजेंद्र धारकर मंडल की महिलाओं का पहला जत्था 2 मई को रवाना होगा। प्रभारी दीपेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुचारू व्यवस्था के लिए विधायक के साथ 100 से अधिक पुरुष कार्यकर्ता भी यात्रा में शामिल होंगे।

पंजीयन एवं यात्रा व्यवस्था में दिनेश वर्मा, बंटी वर्मा, रूपाली पेंढ़ारकर, भावना चौधरी, शिव वर्मा, जयंत पांचाल, पिंकी बागड़ी, संजय कौशिक, दीपेश पचौरी एवं शिवपाल ने अहम भूमिका निभाई है। इस यात्रा में जाने वाली महिलाओं को विदाई देने के लिए कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा सहितअनेक जनप्रतिनिधि रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे।

राजस्थान में है मंदिर

श्री खाटू श्याम जी का राजस्थान के सीकर जिले में स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। इन्हें 'हारे का सहारा', 'शीश के दानी' और 'लखदातार' जैसे नामों से जाना जाता है। मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने कलियुग में इन्हें अपने नाम (श्याम) से पूजे जाने का वरदान दिया था। यहां भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मुख्य मंदिर के पास स्थित श्याम कुंड बहुत पवित्र माना जाता है, जहां से शीश प्रकट हुआ था।

मान्यता है कि जो व्यक्ति जीवन में निराश या हार चुका हो, बाबा श्याम उसकी रक्षा करते हैं और उसे विजय दिलाते हैं। महाभारत के दौरान, वीर बर्बरीक ने भगवान कृष्ण को अपना शीश दान कर दिया था। इस महान बलिदान से प्रसन्न होकर कृष्ण ने उन्हें कलियुग में अपने नाम (श्याम) से पूजे जाने का वरदान दिया।

ये हैं मुख्य बिंदु

-आस्था और धार्मिक सहभागिता को बढ़ावा ।
-इंदौर के विधायक गोलू शुक्ला द्वारा किया जा रहा आयोजन ।
-कराएंगे 6000 से अधिक महिलाओं को खाटू श्याम के दर्शन ।
-विदाई देने के लिए पहुंचेगे कई मंत्री, विधायक औक सांसद ।
-2 मई को रवाना होगा महिलाओं का पहला जत्था ।