
इंदौर. कॅरियर बनाने के लिए किस दिशा में आगे बढऩा है। किस क्षेत्र में रुचि है और इसके लिए किस विषय का चुनाव करना है? तैयारी कैसे करनी है? आगे इसमें क्या और कितना स्कोप है? ऐसे कई सवालों के जबाव एआइ देगा। विद्यार्थियों को अपने कॅरियर को लेकर अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। एआइ और मेटावर्स अब रोचक तरीके से पढ़ाई करने के भी काम आएंगे। इसके साथ ही यह एक काउंसलर की तरह भविष्य के लिए गाइड भी करेंगे।
8वीं कक्षा पास करने के बाद विद्यार्थी 9वीं कक्षा में प्रवेश लेते ही कॅरियर के बारे में सोचना शुरू कर देते हैं। यही वह समय होता है, जब उन्हें अपने भविष्य की दिशा तय करनी होती है। पैरेंट्स भी नए कोर्सेस व स्कोप तलाशना शुरू कर देते हैं। कई लोग काउंसलर की मदद लेते हैं, फिर भी सही जानकारी नहीं मिल पाती। ऐसे में अब एआइ इन विद्यार्थियों के मन में उठ रहे सवालों के जवाब देगा।
रोचक तरीके से पढ़ाई करना भी मुमकिन
दुबई में आइटी कंपनी चलाने वाले इंदौर के रामकुमार ङ्क्षसह और अदिति शर्मा बताते हैं कि आभासी दुनिया की शिक्षा अब भविष्य की नई मांग बन गई है। वर्चुअल रियलिटी के जरिए अब सिर्फ गेम ही नहीं खेले जाएंगे, बल्कि इसी रोचक तरीके से पढ़ाई करना भी मुमकिन होगा। हमने इसके लिए ‘कल्पवर्स’ नाम से एक प्रोग्राम तैयार किया है, जो ना सिर्फ पढ़ाई में बल्कि भविष्य के लिए मार्गदर्शन देने का भी काम करेगा।
मेटावर्स में कोर्स डिजाइन
5वीं से 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों को टेक्नोलॉजी का अनुभव देने और पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए मेटावर्स में कोर्स डिजाइन किए गए हैं। एनसीईआरटी के जरिए कोर्सेस को बनाया है। विद्यार्थी एप्लीकेशन के जरिए इससे पढ़ाई कर पाएंगे। इसके अलावा स्कूलों में सेंटर खोलने की भी तैयारी चल रही है। इससे विद्यार्थी गेम्स की तरह पढ़ाई को भी एन्जॉय कर पाएंगे।
स्कूल का अलग सिलेबस
9वीं कक्षा में जाने के बाद विद्यार्थियों को खोजना होता है। प्रोग्राम कॅरियर गाइडेंस में मदद करेगा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, वर्चुअल रियलिटी, ब्लॉक चैन, गेङ्क्षमग एवं मेटावर्स डेवलपमेंट जैसे कई अन्य कोर्स भी बनाए गए हैं।
काउंसलर देेंगे मार्गदर्शन
‘कल्पवर्स’ पर विद्यार्थियों को इंटर्नशिप करने के भी ऑप्शन मिलेंगे। वह कौनसा कोर्स करने के बाद किस कंपनी में जा सकते हैं या उस कोर्स को करने के बाद कौन से ऑप्शन हो सकते हैं, इसकी जानकारी मिल सकेगी। जब चाहें काउंसलर्स से जुडक़र मार्गदर्शन ले सकते हैं। इसी प्रोग्राम के तहत फॉरेन यूनिवर्सिटीज से भी टाइअप किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के विद्यार्थी भी अच्छे लेवल पर ग्रोथ कर सकें। स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत इन्हें एजुकेशन देने की तैयारी चल रही है। विद्यार्थी ऑनलाइन कुछ शॉर्ट टर्म कोर्स भी कर सकेंगे।