
Lokayukta Raid (एमपी में बिजली कंपनी के इंजीनियर के 9 ठिकानों पर छापे Photo Source- Patrika)
MP News : मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर में लोकायुक्त टीम ने बड़ी छापामार कार्रवाई करते हुए बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के निधीवन कॉलोनी स्थित निवास पर छापामार कार्रवाई की है। सेमिल के खिलाफ आय से कई गुना अधिक संपत्ति होने की शिकायत सामने आई थी।
वहीं, छापामार कार्रवाई के दौरान सामने आया कि, इंजीनियर ने 33 साल की नौकरी में आय से ज्यादा संपत्ति अवैध रूप से प्राप्त की है। करोड़ों रुपये की फैक्ट्री और घर के साथ सोने-चांदी के ज्वेलरी और कैश भी मिला है।
शिवराम सेमिल और उनके परिवार के लोगों के पास बड़ी संपत्ति मिली है। जिसमें सिलिकॉन सिटी में सी 44 स्थित तीन मंजिला घर की कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये है। इनके बेटे शुभम सेमिल के नाम से पीथमपुर में शुभम इलेक्ट्रिकल नाम से फैक्ट्री मिली है जहां पर ट्रांसफार्मर बनाए जाते हैं। यह फैक्ट्री 880 वर्गमीटर एरिया में बनाई गई है। यह भी करीब एक करोड़ 25 लाख रुपये की है।
शिवराम सेमिल की बहू और परिवार के सदस्यों के नाम से 'कर्निश पावरजोन' नामक फर्म रजिस्टर्ड होना पाई है जिसकी शेयर पूंजी 50 लाख रुपये है। इसके द्वारा पीथमपुर सेक्टर 3 में प्लॉट क्रमांक 732 और 749 A क्रय किए गए हैं, जिनमें 732 प्लॉट पर पुरानी फैक्ट्री स्थापित है और 749ए पर नई फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है। अनुमानित व्यय एक करोड़ रुपये किया गया है। साथ ही दामाद और बेटे के नाम से उज्जैनी जिला धार स्थित औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट क्रमांक 184,185 पर, 'एसएस इलेक्ट्रिकल्स' फर्म का संचालन होना पाया गया है। इसके ही नाम से प्लॉट क्रमांक 153 भी क्रय किया गया है। इन पर अनुमानित एक करोड़ 50 लाख रुपये व्यय होना पाया है।
कृष्णा पावर नामक फर्म के नाम से उज्जैनी जिला धार में 560 वर्ग मीटर का भूखंड भी लिया गया। यहां पर भी फैक्ट्री बन रही है। इसमें भी 10 लाख रुपये इनवेस्ट किए गए हैं। समधी के नाम से भी शिवराम सेमिल ने फैक्ट्री खोली है जो जांच की जा रही है। 'ए वन इलेक्ट्रिकल' नाम से फैक्ट्री का संचालन हो रहा है। भूखंड क्रमांक 169 , उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र, धार में यह फैक्ट्री भी पाई गई है। ट्रांसफार्मर की उक्त फैक्ट्री पर भी करोड़ों रुपए इन्वेस्ट किया जाना पाया है।
सेमिल की फैक्ट्रियों के कार्यालय भी इंदौर में पाए गए हैं। सप्तश्रृंगी नगर सिलिकॉन सिटी में उनके कार्यालय का भवन पत्नी और बेटे सौरभ सेमिल के नाम होना पाया है। गाइडलाइन कीमत 60 लाख रुपये इसकी कीमत सामने आई है। एक और कार्यालय 45 अंजनी नगर, एयरपोर्ट रोड पर संचालित हो रहा है। कर्निश पावर जोन के इस कार्यालय पर भी सर्चिंग जारी है। एक और कार्यालय देवासनाका एरिया में सिद्धार्थ फार्म के पास पाया गया है।
सेमिल ने अपने बेटों के नाम से ओमेक्स सिटी में प्लॉट खरीदा है। यह प्लॉट बीस लाख रुपये में गाइडलाइन अनुसार क्रय किया है। बेटे की फर्म शुभम इलेक्ट्रिकल के नाम से 15 लाख रुपये की महिंद्रा कंपनी की इलेक्ट्रिक कार खरीदी गई है। एक मकान रविदास नगर मुरैना में भी दो मंजिला पाया गया है। ग्वालियर लोकायुक्त की टीम द्वारा वहां पर सर्च की जा रही है। इसकी कीमत 50 लाख रुपये है।
लोकायुक्त की जांच में पता चला कि, नौकरी के दौरान सेमिल की कुल आय दो करोड़ रुपए हुई है। इसकी तुलना में उन्होंने साढ़े छह करोड़ रुपये खर्च किए हैं। ऐसे में 7.16 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति इंजीनियर के पास मिली है। जो इनकी अब तक मिली आय का 258 प्रतिशत है।
बताया जा रहा है कि, शिवराम सेमिल अधीक्षण यंत्री मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर में कार्यरत है। इनके द्वारा अपने 33 साल की नौकरी में अपनी वैध आय की तुलना में बहुत अधिक संपत्ति अवैध रूप से प्राप्त हुई है, जिसका विवरण इस प्रकार है।
1-सिलिकॉन सिटी में सी-44 स्थित भूखंड पर तीन मंजिला भव्य आवास बना है, जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 20 लाख आंकी गई है।
2-इनके पुत्र शुभम के नाम से पीथमपुर सेक्टर-3 में प्लॉट क्रमांक 749 पर 'शुभम इलेक्ट्रिकल' नाम से फैक्ट्री मिली है। इस फैक्ट्री में ट्रांसफार्मर बनाए जाते हैं। ये फैक्ट्री 880 वर्गमीटर एरिया में बनी है, जिसकी कुल अनुमानित व्यय 1 करोड़ 25 लाख रूपए आंका गया है।
3-सेमिल की पुत्रवधु और परिवार के सदस्यों के नाम से 'कर्निश पावरजोन' नामक फर्म रजिस्टर्ड है, जिसकी शेयर पूंजी 50 लाख रुपए है। वहीं, पीथमपुर सेक्टर-3 में प्लॉट क्रमांक-732 और 749-A खरीदा है, जिनमें 732 प्लॉट पर पुरानी फैक्ट्री बनी है और 749-ए पर नई फैक्ट्री का निर्माण चल रहा है। इन दोनों संपत्तियों की अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपए आंका गया है।
4-दामाद और बेटे के नाम से उज्जैनी जिला धार स्थित औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट क्रमांक-184,185 पर, 'एस.एस.इलेक्ट्रिकल्स' फर्म का संचालन भी किया जा रहा है। इसके ही नाम से प्लॉट क्रमांक-153 भी क्रय किया गया है। इनपर अनुमानित 1 करोड़ 50 लाख रुपए व्यय होना पाया गया है।
5-'कृष्णा पावर' नामक फर्म के नाम से उज्जैनी जिला धार में 560 वर्ग मीटर का भूखंड आरोपी द्वारा लिया जाना पाया है। यहां पर भी फैक्ट्री का निर्माण चल रहा है, जिसपर अनुमानित व्यय 10 लाख रुपए अब तक किए जा चुके हैं।
6-रिश्तेदार/संबंधी के नाम से भी आरोपी शिवराम सेमिल ने फैक्ट्री खोली है, जिसकी जांच की जा रही है। 'ए-वन इलेक्ट्रिकल' नाम से उक्त फैक्ट्री का संचालन चल रहा है। भूखंड क्रमांक-169, उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र, धार में ये फैक्ट्री भी स्थित है। ट्रांसफार्मर की उक्त फैक्ट्री पर भी करोड़ों रुपए इन्वेस्ट किये गए हैं। अभी इसका व्यय आरोपी के व्यय में जोड़ा नहीं गया है।
7-आरोपी की फैक्ट्रियों के कार्यालय भी इंदौर में पाए गए हैं। सप्तश्रृंगी नगर सिलिकॉन सिटी में उनके कार्यालय का भवन पत्नी और पुत्र सौरभ सेमिल के नाम होना पाया है। मकान नंबर-59 में शुभम इलेक्ट्रिकल का कार्यालय पाया गया है। गाइडलाइन कीमत 60 लाख व्यय में ली है।
8-एक और कार्यालय 45 अंजनी नगर, एयरपोर्ट रोड पर संचालित है। कर्निश पावर जोन के इस कार्यालय पर भी सर्चिंग जारी है।
9-एक और कार्यालय देवास नाका एरिया में सिद्धार्थ फार्म के पास पाया गया है। कर्निश पावरजॉन का उक्त कार्यालय भी सर्चिंग टीम द्वारा सर्च किया जा रहा है।
10-आरोपी द्वारा अपने पुत्रों के नाम से ओमेक्स सिटी में प्लॉट भी क्रय किया गया है। ये प्लॉट 20 लाख रुपए, गाइडलाइन के अनुसार क्रय किया है।
11-आरोपी द्वारा पुत्र की फर्म शुभम इलेक्ट्रिकल के नाम महिंदा कंपनी की इलेक्ट्रिक कार भी 15 लाख रुपए लागत की क्रय की गई है।
12-आरोपी का एक दो मंजिल मकान रविदास नगर मुरैना में भी पाया गया है। ग्वालियर लोकायुक्त की टीम द्वारा वहां पर सर्चिंग की जा रही है। मकान की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए है।
इस तरह आरोपी को संपूर्ण सेवाकाल में 2 करोड़ रुपए नेट वेतन की तुलना में उसके द्वारा 6 करोड़ 50 लाख रूपए व्यय करना पाया गया है। जीवन यापन व्यय अगर नेट आय का 33 फीसद लिया जाए तो कुल व्यय 7 करोड़ 16 लाख से अधिक व्यय आरोपी द्वारा किया गया है, जो आय से 258 फीसदी ग़ैर अनुपात व्यय किया गया है। फिलहाल, छापामार टीम की सर्चिंग जारी है। संभावना है कि, अभी और भी कई खुलासे हो सकते हैं। टीम द्वारा कार्रवाई इंदौर के चार ठिकानों पर, पीथमपुर के 2 ठिकानों पर, उज्जैनी धार के 2 ठिकानों और मुरैना के 1 यानी कुल 9 ठिकानों पर एक साथ की जा रही है।
आमजन से अपील
आरोपी के खिलाफ धारा 13(1) बी,13(2) भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 के अन्तर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। लोकायुक्त संगठन द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। वहीं, आमजन से अपील की गई है कि, कोई अधिकारी /कर्मचारी भ्रष्टाचार की शिकायत की सूचना लोकायुक्त कार्यालय इंदौर एवं दूरभाष पर भी संपर्क कर सकते हैं।
Updated on:
21 Jul 2026 01:45 pm
Published on:
21 Jul 2026 12:22 pm
