इंदौर

काली रात: गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख, लपटों के बीच बिलख रही थी प्रेग्नेंट पत्नी

Indore Oil mill fire: ऑयल मिल की आग में 2 फ्लैट में सो रहे परिवार के 11 सदस्य फंसे, प्रत्यक्षदर्शी ने बताया- कमरे से बाहर आया तो धधक रही थी हर चीज, दहशत के वो पल याद कर सिहर जाता है परिवार

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Jun 06, 2024
Indore Oil mill fire

Indore Oil mill fire: इंदौर में चितावद मेन रोड से सटी ऑयल मिल में मंगलवार देररात भीषण आग से क्षेत्र में हडक़ंप मच गया। ऑयल मिल में रखी कपास्या खली से उठ रही आग की लपटों ने एक घर में बने 2 फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया। जिस घर में आग फैली वहां पार्टिशन में 4 घर बने है। 2 अन्य घर के सदस्य ताबड़तोड़ मदद के लिए पहुंचे।

किसी ने क्रिकेट खेलने के बेट तो किसी ने फर्सी से खिडक़ी तोड़ी। समय रहते परिजनों ने जान पर खेलकर धुएं से बेसुध गर्भवती बहु, बुजुर्ग मां सहित 5 लोगों को खिड़की की करीब 2 फीट चौड़ी गेप से बमुश्किल बाहर निकाला। वहीं सूचना के बाद फायर ब्रिगेड मौके पर आग बुझाने पहुंची। बुधवार दोपहर तक दमकलकर्मी मिल में आग बुझाने का काम करते रहे।

टीवी, फ्रिज सहित गृ़हस्थी का सामान जलकर खाक

रात करीब 2.30 से 3 बजे के बीच चितावद पेट्रोल पंप के ठीक सामने रहवास क्षेत्र से सटी ऑयल मिल में भीषण आग लगी थी। परिवार के सदस्य और प्रत्यक्षदर्शी कन्हैया दौर ने बताया कि अखिलेश गोयल की ऑयल मिल घर से कुछ ही फीट की दूरी पर है। यहां बड़ी मात्रा में कपास्या का भंडारण और उससे ऑयल बनाने का काम किया जाता है। किन्ही वजह से मिल में लगी आग की चपेट में हमारे घर के 2 फ्लैट आ गए। जिससे टीवी, फ्रिज सहित गृ़हस्थी का सामान जलकर खाक हो गया। आग की चपेट में करीब 4 लाख नकदी के अलावा 30 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है।

धमाके से टूटा स्लाइडिंग डोर, आरओ और फ्रीज का क्रंप्रेशर भी फटा

चितावद मेन रोड से सटी ऑयल मिल में मंगलवार देर रात धधकी आग से घर का सामान पूरी तरह खाक हो गया। बुधवार दोपहर तक दमकलकर्मी आग बुझाते रहे। प्रत्यक्षदर्शी आनंद दौर ने बताया, उनके फ्लैट में 3 बेडरूम, हॉल, किचन हैं। किचन के पास ग्लास स्लाइडिंग गैलरी से कुछ फीट दूरी पर ऑयल मिल की शेड वॉल है। आग लगी तब हवा का रुख घर की तरफ था। लपटों से शेड टूट गया। इसके बाद लपटें सीधे स्लाइडिंग डोर से टकराई।

ग्लास डोर धमाके से फूट गया। हाल और किचन में रखा सामान चपेट में आ चुका था। गर्भवती पत्नी शिवानी घबरा गई। मां शकुंतला के रूम के बाहर तक आग पहुंच चुकी थी। बड़ा भाई वर्णित और भाभी अंजलि भी रूम में फंसे थे। किसी तरह हम सभी पिछले कमरे तक पहुंचे। धुएं की वजह से स्लिप डिस्क से ग्रसित मां शंकुतला, पत्नी शिवानी, भाभी बेसुध हो गए।

क्रिकेट के बल्ले और फर्सी से तोड़ी खिड़की

जतिन दौरे ने बताया, जब घर में आग लगी तब वह जाग रहे थे। उन्होंने सभी सदस्यों को अलर्ट किया। पिता मुकेश-चाचा राहुल भी दौड़े। दो पार्टिशन में बने घर के बीच बड़ा लोहे का शेड है। अधिकांश बच्चे वहां क्रिकेट खेलते हैं। दादी शंकुतला व अन्य परिजन जहां रहते हैं वहां के पिछले कमरे से लोहे का शेड जुड़ा है। पिता और चाचा क्रिकेट बैट लेकर पहुंचे और खिड़की पर 2 बार हिट किया। इससे सरिया टूट गया।

फिर फर्सी से खिड़की को तोड़ने का प्रयास किया तो 2 फीट चौड़ी गैप हो गई। कमरे में फंसे दादी शंकुतला, चाचा वर्णित, आनंद और चाची फंसे थे। सबसे पहले गर्भवती चाची को खिड़की से निकाला। 20 से 25 मिनट में सभी को निकाल लिया। किचन में रखा आरओ, फ्रीज का क्रंप्रेशर व अन्य वस्तु तेज ब्लास्ट के साथ फटने लगी। डर था गैस सिलेंडर में धमाका न हो जाए।

दादा ने परिवार को ओढ़ाए गीले कंबल और चादर, लपटों से निकाल लाए

जतिन ने बताया, कजिन दादा अशोक (55) पास वाले फ्लैट में परिवार के साथ सो रहे थे। मिल की शेडनुमा वॉल पर फाइबर शीट थी। शीट पिघलने के बाद लपटें गैलरी से टकराई। स्लाइडिंग गेट का कांच फूटते ही आग फैल गई। घबराकर अशोक दौर उठे। वह क्रिकेट अकादमी में मैनेजमेंट देखते हैं। फ्लैट में दादी अनिता (48), बेटा हर्ष (25), बेटी मिकिता (26), बड़ी बेटी सोनिया जो उज्जैन स्थित ससुराल से अपने 8 साल के बेटे रियांश के साथ आई थी। दादा ने सभी को गीले कंबल, चादर ओढ़ाई। गीले कपड़े मुंह पर बांधे और फ्लैट के पीछे स्थित छत पर पहुंचे। छत से मिल का वह हिस्सा सटा है जहां ऑयल निर्माण यूनिट लगी है। तेज लपटों के बीच पिछले हिस्से की सीढि़यों तक पहुंचे। सभी को परिसर के पिछले हिस्से तक ले गए। यहां पास वाले घर से मदद मांगी।

बेसुध बहुएं मम्मी-मम्मी चिल्लाती रही

परिजन ने बताया, परिवार के बुजुर्ग की तबीयत ठीक नहीं है। रात में उन्हें बचाते हुए सामने पेट्रोल पंप पर ले गए। वहां से अन्य स्थान पर शिफ्ट किया। डॉक्टर लगातार चेकअप कर रहे हैं। मां शंकुतला घटना को याद कर रोने लगी। कहने लगी कि बहुएं धुएं की वजह से बेसुध हो गई। पूरे समय मम्मी-मम्मी की आवाज लगाती रही। हमें नहीं पता हम किस तरह बचे। बार-बार वो दृश्य आंखों के सामने आ रहे हैं।

25 फीट ऊपर तक भंडारण किया, तेल से निकले अवशेष भी आग की चपेट में आ गए

परिवार के कन्हैया दौर ने बताया, लोडिंग वाहन में अधिक माल भरने के लिए लोग रैक लगाते है। इसी तरह ऑयल मिल में कपास्या का अधिक भंडारण करने के लिए 25 फीट उंचा शेड बनाया था। ऑयल बनाने के बाद तेल के अवशेष बड़ी मात्रा में ड्रम में भरे हैं। संभवत: इससे आग ने विकराल रूप लिया। परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया, 2 वर्ष पहले फैक्ट्री सभी तरफ से खुली थी। विरोध के बाद फैक्ट्री को शेड से बंद कर दिया।

4 लाख लीटर पानी से आग पर पाया काबू

देर रात सूचना मिलते ही फायर स्टेशन से 3 वाहन लेकर दमकलकर्मी पहुंचे थे। करीब 4 लाख लीटर पानी से काबू पाया गया। प्रारंभिक जांच में अखिलेश गोयल के गोदाम में आग लगना पता चला है। इसमें कपास्या का भंडारण बता रहे है। आग बुझाने के लिए पोकलेन मशीन का इस्तेमाल किया।
शशिकांत कनकने, फायर एसपी

Updated on:
06 Jun 2024 08:51 am
Published on:
06 Jun 2024 08:50 am
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