गीता जयंती : जानिए गूढ़ रहस्यों को जो बदल देंगे आपकी जिदंगी

इंदौर के गीता भवन मंदिर में भी गीता जयंती के उपलक्ष्य में महोत्सव मनाया जा रहा है। यहां संतो ने प्रेरक प्रवचन भी दिए।

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Dec 10, 2016
geeta bhawan mandir

इंदौर. आज गीता जयंती का मुख्य पर्व मनाया जा रहा है। गीता जयंती को मोक्षदा एकादशी भी कहते हैं। गीता जयंती देश ही नहीं विश्वभर में मनाई जाती है। इसी कड़ी में इंदौर के गीता भवन मंदिर में भी गीता जयंती के उपलक्ष्य में महोत्सव मनाया जा रहा है। यहां संतो ने प्रेरक प्रवचन भी दिए।
विश्वभर में विख्यात श्रीमद्भागवद् गीता ही ऐसा ग्रंथ है, जिसकी जयंती मनाई जाती है। भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में पवित्र गीता का दिव्य संदेश यूं तो अर्जुन को दिया था, लेकिन वास्तव में वह तो माध्यम मात्र था। श्री कृष्ण उसके माध्यम से संपूर्ण मानव जाति को सचेत करना चाहते थे। गीता सब तरह के संकटों से प्रत्येक मानव को उबारने का सर्वोत्तम साधन है। गीता भयमुक्त समाज की स्थापना का मंत्र देती है। यही मंत्र विश्व में शांति कायम करने में सर्वथा समर्थ है। आइए गीता जयंती के मौके पर हम ऐसे उपायों को जानते हैं, जिनसे जिदंगी बदल सकती है।

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-शत्रु तो महज मानव शरीर हैं, अर्जुन तो सिर्फ उन शरीरों का अंत करेगा, आत्माओं का नहीं। शरीर नाशवान हैं, लेकिन आत्मा अमर है।



-यह भाग्य ही प्रकृति है, जिसकी रचना पुरुष ने की है और सर्वव्यापी ही उसका इस्तेमाल करेगा

-हमेशा आसक्ति से ही कामना का जन्म होता है

-जो व्यक्ति संदेह करता है उसे कहीं भी सुख नहीं मिलता है।

-जो मन को रोक नहीं पाते उनके लिए उनका मन दुश्मन के समान है।

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-वासना, गुस्सा और लालच नरक जाने के तीन द्वार है

-इस जीवन में कुछ भी व्यर्थ होता है

-मन बहुत ही चंचल होता है और इसे नियंत्रित करना कठिन है, परंतु अभ्यास से इसे वश में किया जा सकता है।

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-सम्मानित व्यक्ति के लिए अपमान मृत्यु से भी बदतर होता है।

-व्यक्ति जो चाहे वह बन सकता है, अगर वह उस इच्छा पर पूरे विश्वास के साथ स्मरण करे

-जो वास्तविक नहीं है, उससे कभी भी मत डरो
Published on:
10 Dec 2016 08:14 am
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