
इंदौर. एसी की हवा गर्मी से तो बचा लेती है, लेकिन बीमारी से घेर लेती है। लोगों को ताजा हवा से जोडऩे और अच्छा कू्लिंग सिस्टम देने के लिए डॉ. प्रियंका मोक्षमार ने नौकरी छोड़ दी और स्टार्टअप में खुद को समर्पित कर दिया। डॉ. प्रियंका पहले मैनेजमेंट की फैकल्टी थी। करीब 12 सालों तक इंस्टीट्यूट में पढ़ाया है। उनके पति ने फ्रैश एयर कूलिंग सिस्टम पर इनोवेशन किया, लेकिन डॉ. प्रियंका ने रुचि नहीं दिखाई, वह अपनी नौकरी से खुश थी।
पति के इनोवेशन को समझा और मिलकर हमने तैयार कर दिया
कुछ समय उन्होंने पति के इनोवेशन पर थोड़ा काम किया तो उन्हें लगा इसे आगे बढ़ाना चाहिए। इसकी लोगों को भी जरूरत है। बकौल डॉ. प्रियंका मैं नौकरी छोडक़र इस इनोवेशन पर काम करूंगी तो पति का सपना भी पूरा होगा और लोगों को स्वस्थ रखने में भी मदद मिलेगी। इसके बाद हमने ‘वायु कंप्रेशर कूलर’ बनाया। यह एसी की तरह कू्लिंग करता है। इससे लोगों को ताजा हवा मिलती है। एसी चलाने के लिए हमें उस जगह को पैक करना होता है, वहीं वायु ग्रीन एनर्जी से संबंधित है।
2016 में पूरी तरह से जुड़ी
डॉ. प्रियंका ने बताया, 2016 में मैंने वायु पर काम करना शुरू कर दिया। यह कू्लिंग सिस्टम हमेशा बाहर के तापमान से आपको 20 डिग्री कम टेम्प्रेचर में रखेगा। एसी के मुकाबले इसमें 80 फीसदी कम पॉवर लगती है। यह पूरी तरह से ग्रीन टेक्नोलॉजी है, जिससे हिट बिल्कुल नहीं निकलती। हमने इसे रेफ्रिजरेटर सिस्टम से कनेक्ट कर रखा है, जो ठंडे पानी से कू्लिंग करता है और सॉफ्टवेयर से मैनेज होता है। आज हम यूएई, दुबई जैसे कई देशों में अपना प्रोडक्ट सप्लाई कर रहे हैं, हमने फीफा वर्ल्ड कप में भी अपनी सेवाएं दी हैं।