
Advait Upadhyay : इंदौर के रहने वाले अद्वैत उपाध्याय अभी भी गायब हैं। वे 7 अगस्त को बेंगलुरु के पास शिवगंगे पहाड़ियों पर अकेले ट्रैकिंग करने गए थे लेकिन इसी दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। 16 दिन बाद भी उनका कोई सुराग नहीं लग सका है। काफी खोजबीन के बाद भी जब अद्वैत उपाध्याय नहीं मिले तो शिवगंगा में चल रहा मैदानी रेस्क्यू ऑपरेशन को रोक दिया गया। पुलिस अब उनकी डिजिटल हिस्ट्री व साइबर साक्ष्यों के आधार पर जांच में जुटी हुई है। इधर अद्वैत उपाध्याय की मां बेचैन हो रहीं हैं। 16 दिन से वे अपने बेटे की आवाज तक सुनने को तरस गईं हैं।
31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय आईटी इंजीनियर हैं। वे बैंगलुरु की एक फाइनेंस कंपनी में काम करते हैं। अद्वैत उपाध्याय को ट्रेकिंग का बहुत शौक है। यही कारण है कि वे 7 अगस्त को शिवगंगे पहाड़ियों पर गए थे। ट्रेकिंग पर जाने से पहले अद्वैत उपाध्याय ने अपनी मंगेतर से बात की। इसके बाद वे लापता हो गए और तब से ही उनका फोन भी बंद है।
आईटी इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय के अचानक लापता हो जाने की सूचना मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। शिवगंगा पहाड़ी में उनकी खोज शुरु की गई। अद्वैत उपाध्याय किराए की जो बाइक लेकर गए थे, वो तलहटी में मिल गई। पहाड़ी के ऊपर बियाबान जंगलों में बैग, मोबाइल और स्वेटर भी मिल गया पर उनका कोई सुराग नहीं लग सका।
स्थानीय पुलिस ने NDRF, SDRF, वन विभाग आदि के सहयोग से सर्च ऑपरेशन चलाया। उन्हें ड्रोन की सहायता से भी ढूंढने की कोशिश की गई। 100 घंटे से अधिक समय तक तलाशी की गई लेकिन अद्वैत उपाध्याय का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद तलाशी अभियान रोक दिया गया।
अब पुलिस, साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से तकनीकी जांच में जुटी हुई है। अद्वैत उपाध्याय के लैपटॉप की गहराई से जांच की जा रही है। सर्च हिस्ट्री में कुछ ऐसी चीजें सामने आईं जिससे मामला और उलझ गया है। साइबर एक्सपर्ट्स यह गुत्थी सुलझाने में लगे हैं। पुलिस अद्वैत उपाध्याय की कॉल डिटेल्स के आधार पर छानबीन कर रही है।
अद्वैत उपाध्याय के लापता हो जाने से मां अकेली रह गईं हैं। वे अब इंदौर से बेगलुरु पहुंच चुकी हैं। मां अपने बेटे की आवाज सुनने के लिए 16 दिन से तड़प रहीं हैं। पुलिस उनसे लगातार संपर्क में है।