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इंदौर में बढ़ रहे आखों की बीमारी के मरीज, आंखें छूने से बचने की दी जा रही सलाह

Conjunctivitis Infection : शहर में कंजक्टिवाइटिस संक्रमण ने चिकित्सकों की चिंता बढ़ा दी है। शहरभर में डॉक्टरों के पास पहुंच रहे मरीज। आंखों को छूने से बचने की सलाह दी जा रही है।
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Conjunctivitis Infection

शहर में कंजक्टिवाइटिस संक्रमण के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं (फोटो सोर्स: Patrika)

Indore News : मानसून की बारिश ने जहां गर्मी से राहत दिलाई है और मौसम सुहाना हो गया है, वहीं बारिश के साथ कुछ मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। इन्हीं में से एक है कंजक्टिवाइटिस यानी आंख आना है। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में इन दिनों कंजक्टिवाइटिस के मामले तेजी से सामने आने लगे हैं। नेत्र विशेषज्ञ के पास महीने में करीब 15 मरीज इस संक्रमण की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।

बता दें कि, कंजक्टिवाइटिस होने पर आंखें लाल होना, जलन, पानी आना, चुभन और आंखों में संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। मानसून के दौरान वातावरण में नमी बढ़ने और संक्रमण के अनुकूल परिस्थितियां बनने से इसके मामले बढ़ सकते हैं। ये संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है, इसलिए सावधानी रखना बहुत जरूरी है।

आंखों को बार-बार छूना पड़ सकता है भारी

कंजक्टिवाइटिस से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि, आंखों को बार-बार हाथ न लगाएं। आंख को छूने की जरूरत हो तो पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह साफ करना चाहिए। संक्रमित व्यक्ति के तौलिए, रुमाल, तकिया और अन्य व्यक्तिगत सामान का इस्तेमाल करने से भी बचना चाहिए। घर या आसपास किसी व्यक्ति को संक्रमण होने पर उसकी आंखों को छूने या सीधे संपर्क में आने से सावधानी बरतनी चाहिए।

सिर्फ काला चश्मा पहनना बचाव का तरीका नहीं

कई लोग कंजक्टिवाइटिस से बचने के लिए काला चश्मा पहन लेते हैं, लेकिन सिर्फ चश्मा लगाने से संक्रमण से पूरी तरह बचाव नहीं किया जा सकता। संक्रमण से बचने के लिए हाथों की साफ-सफाई और आंखों को छूने से बचना ज्यादा महत्वपूर्ण है। मेडिकल स्टोर से खुद न लें आई ड्रॉप आंखों में लालिमा या संक्रमण होने पर खुद से कोई भी आई ड्रॉप डालने से बचना चाहिए। खासकर स्टेरॉयड वाली आई ड्रॉप डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं डालनी चाहिए। मेडिकल स्टोर से खुद दवा लेकर इस्तेमाल करने से कई बार संक्रमण बढ़ सकता है और आंख के कॉर्निया तक असर पहुंच सकता है।

कॉर्निया तक पहुंच सकता है संक्रमण

डॉक्टर के मुताबिक ज्यादातर मामलों में कंजक्टिवाइटिस उपचार के बाद ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ मरीजों में संक्रमण आंख के कॉर्निया यानी काली पुतली के हिस्से तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में कॉर्निया पर घाव बनने की आशंका रहती है। आंख में ज्यादा दर्द, धुंधला दिखाई देना या रोशनी देखने में परेशानी जैसे लक्षण हों तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।

सावधानी ही बचाव

नेत्र विशेषज्ञ डॉ. बीरेंद्र झा के अनुसार, बरसात में कंजक्टिवाइटिस के मरीज बढ़े हैं। महीने में करीब 15 मरीज इस समस्या के पहुंच रहे हैं। इससे बचने के लिए आंखों को बार-बार टच नहीं करना चाहिए और आंख छूने से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ करना चाहिए। सिर्फ काले चश्मा लगाने से संक्रमण से पूरी तरह बचाव नहीं होता। बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड आई ड्रॉप नहीं डालनी चाहिए, इससे कई बार परेशानी बढ़ सकती है।