
योग से मैराथन तक बनाई अलग पहचान (फोटो- इंदर सिंह) (Photo Source - Patrika)
Senior Citizen Day: उम्र के 70वें पड़ाव पर जब ज्यादातर लोग आराम को जिंदगी का हिस्सा बना लेते हैं, तब महू के इंदरसिंह योगी हर रविवार 20 से 30 किलोमीटर तक दौड़ लगाकर युवाओं को फिटनेस का संदेश दे रहे हैं। योग, दौड़, सूर्य नमस्कार और अनुशासन उनकी जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। खेत-खलिहान से लेकर सेना क्षेत्र, सिविल क्षेत्र, स्कूल और कॉलेजों तक योग का संदेश पहुंचाने वाले इंदरसिंह के लिए उम्र सिर्फ एक संख्या है। 2005 में योग सेवा शुरू करने के बाद अब उनकी पहचान योगी धावक के रूप में बन चुकी है। वे महू और इंदौर में घर-घर जाकर भी लोगों को योग सिखाते हैं। इंदरसिंह के दौडऩे का सिलसिला वर्ष 2017 में शुरू हुआ।
14 जनवरी को कैंटोनमेंट बोर्ड महू ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए 2 किमी दौड़ आयोजित की थी। इंदरसिंह ने इसमें हिस्सा लिया और तीसरा स्थान हासिल किया। यही उपलब्धि उनके लिए टर्निंग प्वाइंट बनी। इसके बाद उन्होंने दौड़ को नियमित दिनचर्या में शामिल कर लिया। इसके बाद इंदौर मैराथन में उन्होंने लगातार अपनी क्षमता बढ़ाई। 2019 में 5 किमी. 2020 में 10 किमी., 2021 में 21 किमी. और 2022 में 42 किमी. की दौड़ पूरी की। आज भी वे हर रविवार 20 से 30 किमी. तक दौड़ लगाते हैं।
इंदरसिंह की फिटनेस के साथ देशप्रेम भी उनकी पहचान है। 15 अगस्त 2022 को आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान उन्होंने महू के मॉल रोड पर हाथ में तिरंगा लेकर लगातार 12 घंटे दौड़ लगाई। उद्देश्य केवल अपनी क्षमता दिखाना नहीं, बल्कि युवाओं में राष्ट्रप्रेम और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूकता पैदा करना था। सूर्य नमस्कार भी उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा है।
वर्ष 2023 में महू में उन्होंने 1000 सूर्य नमस्कार किए। 21 जून 2023 को इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में 1011 बार सूर्य नमस्कार किया। वर्ष 2024 में महू और इंदौर में 500-500 सूर्य नमस्कार के साथ 5 किमी. दौड़ लगाई, जबकि भोपाल में 600 सूर्य नमस्कार के बाद 6 किमी दौड़ पूरी की। 1 फरवरी 2025 को इंदौर मैराथन में उन्होंने 10 हजार जंप के साथ 10 किमी दौड़ लगाई। वहीं 2 अक्टूबर 2024 को महू के दशहरा मैदान में करीब सवा घंटे तक लगातार तलवारबाजी कर अपनी फिटनेस का प्रदर्शन किया।
इंदरसिंह अब अपने प्रयासों को विश्व रेकॉर्ड तक ले जाना चाहते हैं। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उन्होंने 1200 सूर्य नमस्कार करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन आवेदन नहीं कर पाने के कारण यह प्रयास औपचारिक रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं बन सका। अब वे सूर्य नमस्कार और तिरंगा लेकर दौड़ के माध्यम से विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में 9 अगस्त 2026 को माउंट आबू में आयोजित हाफ मैराथन में भी उन्होंने हिस्सा लिया। विभिन्न सामाजिक संगठनों और कॉलेजों ने युवाओं को प्रेरित करने के लिए उन्हें सम्मानित किया है।
इंदरसिंह की उपलब्धियों में 21 जून 2024 का दिन भी खास है। भोपाल में योग दिवस पर आयोजित सामूहिक 108 सूर्य नमस्कार कार्यक्रम ने विश्व रेकॉर्ड बनाया था, जिसमें इंदरसिंह भी सहभागी रहे। इसके लिए उन्हें प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया। इंदरसिंह युवाओं को संदेश देते हैं कि सुबह जल्दी उठकर योग और दौड़ को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। उनका मानना है कि योग से स्वस्थ शरीर ही परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए बेहतर योगदान की पहली सीढ़ी है।
इंदरसिंह की जिंदगी का सबसे बड़ा संदेश यही है, उम्र शरीर की हो सकती है, जज्बे की नहीं। 70 साल की उम्र में भी इंदरसिंह की दौड़ जारी है। हर कदम के साथ वे युवाओं को यही संदेश दे रहे हैं, योग करो, दौड़ लगाओ और खुद के साथ राष्ट्र को भी स्वस्थ-शक्तिशाली बनाओ।
Updated on:
21 Aug 2026 02:11 pm
Published on:
21 Aug 2026 02:11 pm
