
Indore news: एमपी में मुंबई की ओर जाने वाले महत्वपूर्ण इंदौर-खलघाट फोरलेन हाईवे पर अब टोल वसूली और सड़क के मेंटेनेंस की व्यवस्था में बदलाव होने जा रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) इस मार्ग के टोल प्लाजा का संचालन अपने स्तर पर कराने की तैयारी कर रहा है। मेंटेनेंस के लिए कंपनी चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही संचालन चयनित कंपनी को सौंप दिया जाएगा। इंदौर-खलघाट फोरलेन का निर्माण वर्ष 2005 से 2009 के बीच किया गया था। इस परियोजना पर उस समय करीब 540 करोड़ रुपए खर्च हुए थे।
लंबे समय से इस मार्ग पर टोल वसूली के साथ ही सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी के स्तर पर रही है। अब एनएचएआइ टोल संग्रहण और मेंटेनेंस की व्यवस्था को नए तरीके से संचालित करने जा रहा है। परियोजना निदेशक प्रवीण यादव ने बताया कि टोल प्लाजा के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित कंपनी को टोल वसूली की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके साथ ही सड़क के रखरखाव और जरूरी सुधार कार्यों के लिए भी टेंडर की प्रक्रिया की जा रही है। इसके पूरा होते ही सड़क के मेंटेनेंस का काम शुरू किया जाएगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद टोल संचालन और सड़क रखरखाव की निगरानी भी व्यवस्थित तरीके से की जाएगी। इससे वाहन चालकों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है। उन्हें पहले की तरह परेशान नहीं होना पड़ेगा।
वहीं दूसरी ओर पिगडंबर चौराहे में ब्लैक स्पॉट के रूप में सामने आए चौराहे पर फ्लाईओवर बनाने की तैयारी भी तेज हो गई है। एनएचएआइ ने फ्लाईओवर की डिजाइन फाइनल कर दी है, टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। अब साइट पर शुरुआती काम तेजी से किए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक नवंबर से फ्लाईओवर का निर्माण शुरू करने की तैयारी है। इसके बनने के बाद चौराहे पर वाहनों की आवाजाही सुगम होगी और यहां होने वाले हादसों को कम करने में मदद मिलेगी। एनएचएआइ का फोकस इस मार्ग के खतरनाक हिस्सों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित बनाने पर भी है।