
Indore Ram Mandir Land: श्रीराम मंदिर की जमीन पर शराब दुकान, MLA के रिश्तेदार वसूल रहे किराया (फोटो सोर्स- Patrika Demo Pic)
Indore Ram Mandir Land: पत्रिका न्यूज़ टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में भगवान श्रीराम मंदिर की सरकारी जमीन पर शराब की दुकान संचालित हो रही है। सरकारी रिकॉर्ड में व्यवस्थापक कलेक्टर हैं, लेकिन 36 लाख रुपए सालाना किराया वसूली विधायक मालिनी गौड़ के रिश्तेदार कर रहे हैं। ये सिलसिला वर्षों से चल रहा था, लेकिन अब नहीं चलेगा। तहसीलदार ने शराब ठेकेदार को बेदखली का आदेश जारी कर दिया।
सिरपुर के सर्वे नंबर 394/1 की 4200 वर्ग फीट जमीन पर शराब की दुकान संचालित हो रही है। ये जमीन श्रीराम मंदिर की है, जिसकी मालिक सरकार है, तो व्यवस्थापक के तौर पर कलेक्टर का नाम दर्ज है। ये घोटाला सामने आया तो कलेक्टर शिवम वर्मा ने मल्हारगंज एसडीएम निधि वर्मा को जांच के निर्देश दिए जिसके बाद बड़ी कलाकारी सामने आई। मंदिर की जमीन के दो हिस्से हो गए, जिससे एक हिस्से का नामांतरण कुछ लोगों ने 1991 को कोर्ट की डिक्री के आधार पर करा लिया। दूसरे में अभी भी श्रीराम मंदिर व्यवस्थापक कलेक्टर का नाम दर्ज है, जिसके एक हिस्से में शराब दुकान संचालित हो रही है तो बाकी पर कब्जा है। 2025 में डिक्री के आधार पर नामांतरण का आवेदन आया था जिसके बाद प्रशासन ने निरस्त करने के लिए कोर्ट में अपील की है, जहां पर प्रकरण लंबित है।
मल्हारगंज एसडीएम निधि वर्मा ने जब जांच कराई तो चौकाने वाली जानकारी सामने आई। शराब दुकान का किराया विधायक मालिनी गौड के रिश्तेदार दिलीप सिंह गौड़ ले रहे हैं। राशि भी छोटी मोटी नहीं है सालाना 36 लाख रुपए की है। ये बात भी सामने आई कि मंदिर की जमीन पर पहले मानसरोवर नाम की होटल थी. जिसे बंद कर दिया गया। गौड ने बकायदा शराब ठेकेदार संजय शिवहरे से किरायानामे का एग्रीमेंट किया। ये बात भी सामने आई कि किराया वर्षों से वसूल किया जा रहा है। मजेदार बात ये है कि गौड़ सरकारी दस्तावेज को झुठलाते हुए जमीन को निजी बता रहें हैं।
श्रीराम मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा कर दुकान संचालित करने के मामले में अपर तहसीलदार लोकेश आहुजा ने शराब ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया। उसमें कहा गया कि कोर्ट में जमीन को लेकर प्रकरण लबित है और ऐसे में संचालित शराब की दुकान अतिक्रमण की श्रेणी में आती है, इसलिए दो लाख रुपए अर्थदंड के साथ बेदखली का आदेश दिया जाता है। पटवारी वसूली करें और आबकारी विभाग सर्वे नंबर पर संचालित शराब की दुकान के लाइसेंस को निरस्त के लिए पत्र लिखें। इसके साथ दुकान पर रिमूवल की कार्रवाई भी जल्दी करने की तैयारी है।
Updated on:
10 Sep 2026, 2:28 PM IST
Published on:
10 Sep 2026, 2:28 PM IST
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