
जंगल के बीच बने इसी गोदाम से हुई विस्फोटक मैग्जीन चोरी (फोटो सोर्स: Patrika)
Indore News : घना जंगल…गांव की आबादी से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर सुनसान इलाका…और इसी बीच बनी निजी मैगजीन (गोदाम)। यहां प्रवेश के लिए बाकायदा गेट लगा है और खतरे का निशान भी बना है। इसके बावजूद बदमाश रात के अंधेरे में मैगजीन तक पहुंचे और खिड़की के रास्ते अंदर दाखिल हो गए। कुछ ही देर में करीब तीन क्विंटल नाइट्रेटेड मिक्सर और 375 मीटर डेटोनेटिंग फ्यूज लेकर भी भाग गए। सुबह जब मैगजीन की जांच हुई तो विस्फोटक गायब मिला। ये हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के अंतर्गत आने वाले डॉ. आंबेडकर नगर (महू) से।
क्षेत्र की बड़गोंदा पुलिस के अनुसार, फरियादी सूरज पाटीदार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि, 6 सितंबर की रात 11 बजे से 7 सितंबर की सुबह करीब साढ़े 6 बजे के बीच अज्ञात बदमाश मैगजीन में दाखिल हुए। चोरों ने 40 एमएम नाइट्रेटेड मिक्सर के तीन बॉक्स चोरी किए, जिनका वजन 75 किलो था। इसके अलावा 25 एमएम के नौ बॉक्स, कुल 225 किलो भी ले गए। मैगजीन से करीब 300 किलो नाइट्रेटेड मिक्सर और डेटोनेटिंग फ्यूज चोरी हुआ। इतनी मात्रा में विस्फोटक सामग्री के गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इंदौर ग्रामीण एसपी राजेंद्र कुमार वर्मा ने एएसपी राजकृष्ण के निर्देशन में 15 सदस्यीय एसआइटी का गठन कर जांच में जुटाया। मंगलवार रात से ही पुलिस की टीमें सीतापाट और आसपास के क्षेत्र में संदिग्धों की तलाश में जुटी रहीं। बुधवार तड़के तक 40 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई।
सीतापाट गांव की जिस मैगजीन को चोरों ने अपना निशाना बनाया, वो मुख्य मार्ग से करीब डेढ़ किमी दूर घने जंगलों के बीच मौजूद है। ग्राम आबादी से दूर करीब एक बीघा क्षेत्र में विस्फोटक रखने के लिए करीब 300 वर्गफीट का पक्का गोदाम है। करीब 100 मीटर दूर एक गेट है। यहां प्रवेश प्रतिबंधित होने के साथ ही खतरे का निशान भी बना हुआ है।
चोरी के बाद बदमाशों के भागने का रास्ता जांच का अहम हिस्सा बन गया है। इतनी मात्रा में विस्फोटक को आसानी से पैदल ले जाना संभव नहीं है। इसलिए वाहन के इस्तेमाल की संभावना को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। सीतापाट से बाहर निकलने वाले मुख्य मार्ग के साथ ही दूसरे कनेक्टिंग रोड भी पुलिस के रडार पर हैं। इन रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मार्ग में आने वाले टोल बैरियर से भी वाहनों की जानकारी जुटाई जा रही है। घटना की रात से लेकर अगले दिन तक क्षेत्र से गुजरने वाले संदिग्ध वाहनों की आवाजाही का मिलान किया जा रहा है।
पुलिस द्वारा घटनास्थल के आसपास संदिग्ध लोगों की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। घटना से पहले और बाद में किन लोगों के बीच बातचीत हुई, कौन लोग सीतापाट या आसपास के क्षेत्र में सक्रिय थे और किनकी गतिविधियां संदिग्ध रहीं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मैगजीन के आसपास की गतिविधियों और वहां काम करने या आने-जाने वाले लोगों की जानकारी भी जुटा रही है।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू आसपास की खदानों और कुओं में ब्लास्टिंग करने वालों तक भी पहुंच गया है। पुलिस ऐसे लोगों से पूछताछ कर रही है जो क्षेत्र में ब्लास्टिंग के काम से जुड़े हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि चोरी गया नाइट्रेटेड मिक्सर और डेटोनेटिंग फ्यूज कहीं अवैध ब्लास्टिंग या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि में इस्तेमाल करने के लिए तो नहीं चुराया गया। स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक की पड़ताल की जा रही है।
मामले को लेकर इंदौर ग्रामीण एसपी राजेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि, जांच के लिए 15 सदस्यीय एसआइटी गठित की गई है। टोल बैरियर, सीसीटीवी फुटेज, कनेक्टिंग रोड, संदिग्ध लोगों की कॉल डिटेल और वाहनों की आवाजाही की पड़ताल की जा रही है। आसपास की खदानों और कुओं में ब्लास्टिंग करने वालों से भी पूछताछ की जा रही है। मामले का जल्द खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
Updated on:
09 Sept 2026 09:11 pm
Published on:
09 Sept 2026 09:09 pm
