इंदौर

Gold Investment पर PM मोदी के बयान से इंदौर सराफा बाजार में हड़कंप

indore sarafa market jewelers reaction: इस बयान के अलग- अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं विस्तार से पढ़ें सराफा व्यापारियों की प्रतिक्रिया...।

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May 11, 2026
प्रधानमंत्री के ताजा बयान से इंदौर के सराफा बाजार में हड़कंप है। विजुअल-पत्रिका.कॉम

Gold Investment: एक साल तक सोना नहीं खरीदने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा से सोना, चांदी, जवाहरात बिजनेस से जुड़े लोगों में हडकंप मच गया है। जहां इस बयान के अलग- अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं वहीं इसे व्यापार जगत को धरातल में ले जाने वाला माना जा रहा है। दूसरी और इसे इन्वेस्टरों के लिए खतरा भी बताया जा रहा हैं। चाहे जो भी हो शादियों के दौर में पीएम का बयान सराफा ही नहीं समूचे आर्थिक तंत्र को प्रभावित करेगा। भारत में हर साल 6 लाख करोड़ रुपए सोने के आयात पर खर्च होते हैं। 2024-26 में यह आंकड़ा 4.89 लाख करोड़ रुपए था जो 2025-26 में 6.40 लाख करोड़ रुपए रहा। पीएम का यह कहना कि देश हित में हमें यह तय करना होगा साल भर चाहे कैसा भी आयोजन हो हम गोल्ड नहीं खरीदेंगे।

बदलेगी धारणा

सराफा व्यापारिक एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी के अनुसार इससे कस्टमरों की खरीदी की धारणा में बदलाव आएगा। हमारे यहां तो लोग मोदी के कहने पर लोग थाली ही नहीं बजाते बल्कि अब वह सोने की खरीदी भी रोकने वाले हैं, इससे इंटरनेशनल मार्केट में हमारी छवि प्रभावित होगी।

10 फीसदी तक व्यापार होगा कम

वरिष्ठ कारोबारी निर्मल वर्मा घुंघरु बताते हैं कि इससे ज्वेलरी कामकाज 10 फीसदी तक कम होगा। यह इंडस्ट्री के लिए पैनिक है। इससे चांदी के भाव में तेजी संभावित है। कारण लोग सोने की खरीदी से मुंह फेरकर विकल्प के तौर पर चांदी लेंगे।

हजारों के रोजगार पर संकट

वरिष्ठ व्यवसायी बसंत सोनी के अनुसार पीएम का यह बयान समझ से परे है। यदि ऐसा होगा तो हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। जब व्यापार ही नहीं चलेगा तो व्यापारियों के साथ कारीगरों के सामने भी रोजी रोटी का संकट पैदा होगा।

ज्वेलरी निर्यात पर जोर

अजय लाहोटी का कहना है कि इसकी बजाय पीएम को ज्वेलरी एक्सपोर्ट बढ़े इसकी पहल करना चाहिए थी। यदि हम विदेशों से गोल्ड मंगवाने के बाद उससे ज्वेलरी तैयार कर उसे विदेशों को सप्लाय करें तो न सिर्फ इनकम बढ़ेगी, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

ज्वेलरी नहीं इन्वेस्टमेंट पर रोक

डीपी ज्वेलर्स के डायरेक्टर अनिल कटारिया के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक साल तक सोना नहीं खरीदने की घोषणा से आशय इन्वेस्टरों को पीछे हटाने की है। वह चाहते हैं जरूरत की ज्वेलरी लें लेकिन गोल्ड में इन्वेस्टमेंट न करें, क्योंकि आज की स्थिति में विदेशों से गोल्ड मंगवाना महंगा है जबकि जरूरत आइल डिमांड है जिसमें बड़ी राशि खर्च होगी।

ज्वेलरों में हड़कंप

व्यापारिक एसोसिएशन के वरिष्ठ अविनाश शास्त्री का कहना है कि इस पहल से ज्वेलरी बिजनेस समाप्त हो जाएगा। जब लोग खरीदी ही नहीं करेंगे तो दुकानदारी का चलना मुश्किल है। अकेले इंदौर में ज्वेलरी से जुड़े 20 हजार से अधिक परिवार हैं जिन्हें रोजगार के अन्य विकल्पों पर ध्यान देना होगा।

Updated on:
11 May 2026 03:09 pm
Published on:
11 May 2026 02:58 pm
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