
इंदौर
देवी अहिल्या विश्व विद्यालय के २२ विभागों में चलने वालो ६१ कोर्स की प्रवेश परीक्षा कॉम एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शनिवार को पूरी हो गई। शनिवार देर रात तक विभिन्न कोर्सो के लिए विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन किए। 61 कोर्स के लिए 17 हजार 476 विद्यार्थियों ने रूचि दिखाई है। जबकि पीएचडी.एमफील समेत नॉन सीईटी कोर्स में 2820 आवेदन पेश किए गए हैं। पीएचडीऔर एमफील की परीक्षा जुलाई में होगी, अगले दस दिनों में परीक्षा की तारीख तय होगी। आईआईपीएस, आईएमएस, ईएमआरसी, लॉ, कॉमर्स, इलेक्ट्रोनिक्स समेत 22 विभागों के 61 कोर्स के लिए 23 जून को सीईटी रखी गई है। ग्रुप 1 में तीन वर्षीय यूजी और पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड सहित 10 कोर्स शामिल है। वहीं ग्रुप 2 में 9 साइंस क्षेत्र के यूजी कोर्स रखे है। ग्रुप बी1 में अलग-अलग एमबीए स्ट्रीम के 22 कोर्स और बी 2 में एमएससी के 20 कोर्स शामिल है। पिछले साल की तुलना में इस बार करीब डेढ़ हजार अधिक रजिस्ट्रेशन हुए है। जुलाई में पीएचडी-एमफील के लिए प्रवेश परीक्षा होगी। उसके पहले ही विश्वविद्यालय ने इनमें आवेदन बुलवाए है। लगभग 2820 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। अधिकारियों के मुताबिक सीईटी परीक्षा खत्म होने के बाद पीएचडी और एमफील की सीटों की जानकारी मिलेगी। माना जा रहा है कि इस बार कई नए विषयों में भी शोध करवाए जाएंगे। सीईटी को लेकर अगले सप्ताह से विद्यार्थियों के रोल नंबर जारी किए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक परीक्षा इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, दिल्ली, रायपुर, बेंगलुरु समेत 27 शहरों में करवाई जाएंगी। अधिकारियों की माने तो एक्जाम सेंटर की व्यवस्था को लेकर निरीक्षण किया जाएगा। यह काम तीन-चार दिनों में शुरू होगा।