प्रवीण ने अपने बेटे की शादी में बारातियों को नाचते गाते ले जाने के लिए उनके ऊपर एक चलता फिरता टैंट लगा डाला। इस टैंट की क्या खूबियां हैं, जिसे शहरभर में सराहा जा रहा है? आइये जानें...।
इंदौर. कहने को तो शादी दो जीवनों का मिलन है। लेकिन, शादी करने के लिए कई तरह की व्यवस्थाएं करना होती हैं। शादी समारोह उसी को कहा जाता है, जिसमें मेहमान शामिल हों। स्वभाविक सी बात है, जहां मेहमान होंगे, वहां उनकी अनुकूलता बनाने के लिए व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। जैसे- मेहमानों का खानपान, उनका आराम, बैठने-उठने और ठहरने की व्यवस्था, कुछ विशेष शादियों में उन्हें उपहार देने की व्यवस्था की जाती है। ऐसी कई व्यवस्थाएं तो शादी आयोजकों की तरफ से आपने देखी और सुनी होंगी। लेकिन, क्या आपने कभी देखा या सुना है कि, किसी परिवार ने चिलचिलाती गर्मी के बीच अपने बारातियों को धूप से बचाने की व्यवस्था की हो।
दिन की धूप में तो आपने कई बारातें सड़क पर नाचते-गाते निकलते देखी होंगी। सजे धजे नाचते हुए बाराती कुछ ही देर में पसीनें में तर बतर हो जाते हैं। नतीजा ये होता है कि, महिलाओं का मेकअप खराब तो वहीं पुरुषों के कपड़े। लेकिन, इस सममस्या का भी हल निकाला मध्य प्रदेश के इंदौर में रहने वाले एक झांकी कलाकार प्रवीण हरगांवरकर ने, प्रवीण ने अपने बेटे की शादी में बारातियों को नाचते गाते ले जाने के लिए उनके ऊपर एक चलता फिरता टैंट लगा डाला। यही नहीं, पूरा का पूरा टैंट एक जनरेटर से कनेक्ट था, जिसमें बाराती दिन की तीखी धूप के बीच कूलर की ठंडी हवा खाते हुए नाचते-झूमते जा रहे थे। ये नजारा इतना अनोखा था कि, शहर की सड़कों पर जिस किसी ने भी इसे देखा वो दंग रह गया।
40 डिग्री सेल्सियस में ठंडी हवा खाते हुए नाच रहे थे बाराती
प्रवीण हरगांवकर राजकुमार मिल की खूबसूरत झांकी बनाने के लिए शहर में खासा लोकप्रीय हैं। इन्होने अपने बेटे की शादी को भी यादगार बनाने के लिए एक अलग ही प्रयोग कर डाला। इनके बेटे की बारात का समय दोपहर 12 बजे तय हुआ था, उस समय का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस था। इसके अंदाजा पहले से ही लगाते हुए प्रवीण ने एक चलता फिरता टैंट तैयार करने का फैसला लिया। ऐसा टैंट जो दिखने में खूबसूरत तो हो ही, हल्का फुल्का होने की वजह से उसे आसानी के साथ आगे बढ़ाया जा सके।
6 खंभो वाला पंडाल कर रहा था बारातियों की छाया
बारात कैंट रोड स्थित गार्डन से निकली, जहां 6 खंभो वाले पंडाल के नीचे महिलाएं, पुरुष और बच्चे नाचते-गाते चल रहे थे। इस दौरान प्रवीण ने उन्हें ठंडक देने के लिए टैंट के साथ कूलर भी लगा दिया, ताकि नाचते हुए लोगों को ये अहसास तक न हो कि, वो भरी दोपहरी में किसी सड़क से नाचते गाते जा रहे हैं।
दो दिन में तैयार किया टैंट
प्रवीण की कलाकारी के चलते राजकुमार मिल को चार बार झांकी के लिए पुरस्कार मिल चुके है। शहर की खासा लोकप्रीय मोगली और जंगल की झांकी बनाने का आईडिया भी प्रवीण के ही दिमाग की उपज है। अपने बेटे की बारात के लिए उन्होंने 2 दिन पहले ही इस खास टैंट को तैयार किया है। ये आइडिया प्रवीण को झांकियों से ही आया, झांकिया ऊपर से कवर होती है। इसी को देखते हुए प्रवीण ने बारात भी इसी तरह बेटे की बारात निकालने का निर्णय लिया। कवर्ड शेड बनाने में उन्हें 2 दिन लगे, इसके नीचे आराम से करीब 50 लोग नाचते गाते जा सकते हैं।
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