
MP News :मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। उज्जैन में एच-1एन-1 संक्रमण से ग्रस्त महिला की मौत के बाद अब प्रदेशभर से स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आने लगे हैं। बीते पांच दिनों के आंकड़ों पर गौर करें तो इंदौर और उज्जैन स्वाइन फ्लू के 4 मामले सामने आए थे, जबकि सिर्फ शनिवार को ही अलग-अलग शहरों से तीन संकर्मितों की पुष्टि हुई है। इनमें इंदौर की एक 62 वर्षीय महिला है तो खाचरौद के 66 वर्षीय बुजुर्ग हैं तो वहीं उज्जैन के ही एक 43 वर्षीय शख्स शामिल हैं।
इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला में संक्रमण के लक्षण दिखाई दे रहे थे, जिसके चलते की गई जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। हालांकि, अबतक महिला की हालत स्थिर है। चिकित्सक उसकी सेहत की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। महिला को सर्दी-खांसी और बुखार की शिकायत थी। इधर, मामला समने आने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग जल्द ही शहर के सभी अस्पतालों की बैठक आयोजित करने जा रहा है। बैठक में संक्रमण से सावदानी और उपार से संबंदित दिशा निर्देश दिए जाएंगे।
इधर, उज्जैन में अब तक स्वाइन फ्लू के 3 संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है। उज्जैन के ऋषि नगर एक्सटेंशन में रहने वाली महिला की 19 अगस्त को स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है। संकर्मण की पुष्टि के बाद महिला का इंदौर में इलाज चल रहा था। इधर, बीते 24 घंटों में उज्जैन में दो और संक्रमित सामने आए हैं।
उज्जैन के खाचरौद में रहने वाले 66 वर्षीय बुजुर्ग को सर्दी-खांसी, बुखार और बदन दर्द की शिकायत थी, जिसके चलते उन्हें उज्जैन के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वाइन फ्लू की आशंका में मरीज का नमूना जांच के लिए इंदौर भेजा गया। शनिवार को उनकी रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हो गई है। स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद बुजुर्ग को चरक अस्पताल की चौथी मंजिल पर बने 10 बेड के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया है। फिलहाल, उनका उपचार जारी है। इसी प्रकार उज्जैन शहर के महालक्ष्मी नगर में रहने वाले 43 वर्षीय य़ुवक में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है।
उज्जैन सीएमएचओ डॉक्टर अशोक पटेल के अनुसार, सभी संक्रमितों की हालत स्थिर है। मरीजों के आसपास के घरों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सर्वे और स्क्रीनिंग शुरू कर दी है।
-तेज बुखार आना या ठंड लगना
-लगातार खांसी और गले में खराश होना
-शरीर और मांसपेशियों में तेज दर्द होना।
-सिरदर्द और अत्यधिक थकान महसूस होना।
-नाक बहना या नाक बंद होना।