4200 करोड से अधिक में लिखी जाएगी विकास की इबारत
इंदौर. शहर के विकास को नई दिशा देने के लिए एनएचएआई द्वारा पूर्वी और पश्चिमी आउटर रिंग रोड का निर्माण प्रस्तावित है। भू-अर्जन की कार्रवाई और किसानों के विरोध के बीच एनएचएआई ने टेंडर जारी कर दिए है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमेश बांझल ने बताया कि मार्च में ठेका दे दिया जाएगा। इसके बाद जितना जल्दी हो सकेगा निर्माण शुरू करेंगे। बांझल ने बताया कि शहर के विकास के लिए दोनो सडक़ें मील का पत्थर साबित होगी। भूमि अधिग्रहण की राशि अलग है।
पूर्वी रिंग रोड के लिए 2200 करोड की लागत
पश्चिमी के साथ ही पूर्वी बायपास के लिए भू-अर्जन विभाग पहले से ही बिचौली हप्सी, कनाडिय़ा, खुड़ैल, महू और सांवेर तहसील के 47 गांव की खरीद बेच पर रोक लगा चुका है। नए बायपास का निर्माण होने पर मुंबई से देवास की ओर जाने वाले वाहनों पर राहत मिलेगी। 640 हेक्टेयर में 71 किमी की सिक्स लेन सडक़ बनेगी। इसके लिए 2200 करोड के टेंडर जारी हुए है।
पश्चिमी रिंग रोड 2 हजार करोड की लागत
64 किमी. के पश्चिमी रिंग के लिए 2 हजार करोड के टेंडर जारी हुए है। 8 किमी में पीथमपुर से शुरूआत होगी। उसके बाद 12 किमी देपालपुर, 20 किमी हातोद, 14 किमी सांवेर से होते हुए सडक़ गुजरेगी। रिंग रोड को बनाने के लिए करीब 39 गांवों की 600 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। पीथमपुर इंड्रस्टीयल एरिया की कनेक्टिविटी आसानी से हो सकेगी।