श्री गुरुसिंह सभा की बैठक में हुआ तर्क-वितर्क, भाजपा नेता हरप्रीतसिंह बक्शी बोले - सिंधी समाज हमारे बराबर फिर भी एकता की वजह से सारे लाभ मिलते हैं उनको
इंदौर। शहर में सिंधी समाज और सिख समाज बराबर की आबादी के हैं। सत्ता या संगठन से कुछ लेना होता है तो वे सब एक हो जाते हैं। शक्ति देखकर नगर भाजपा अध्यक्ष, आईडीए अध्यक्ष बनाकर और सांसद का टिकट भी दे दिया जाता है। हर नगर निगम चुनाव में तीन-चार पार्षद के टिकट मिलते हैं, लेकिन हमारी आपसी खींचतान की वजह से समाज को सिर्फ एक टिकट होता है।
ये बात श्री गुरुसिंह सभा की बैठक में भाजपा नेता हरप्रीतसिंह बक्शी ने कही। सभा के अध्यक्ष रिंकू भाटिया ने 13 अप्रैल को जलियावाला बाग के नरसंहार में शहीदों को याद करने के लिए निकाली जा रही स्वराज यात्रा को लेकर बैठक रखी थी। चर्चा के दौरान बक्शी का दर्द झलका। कहना था कि हमारी आपसी लड़ाई के कारण कोई भी दल में हमारा नेतृत्व करता नहीं है। 40 पार्षद थे तब भी एक, 65 हुए तब भी एक और अब 85 हैं तब भी एक को ही टिकट मिला।
पार्टी में दायित्व की बात आती है तो कोई भी सिख निर्णायक पद पर नहीं होता है। न ही कोई पार्टी की कोर कमेटी में जाता है। अध्यक्ष बनना तो दूर की बात है और सांसद तो एक सपना ही है। इसलिए सारे समाज को एक होकर अपनी
शक्ति दिखाना चाहिए। आपसी मन मुटाव को दूर करना चाहिए। ये सुनने के बाद हॉल में जो बोले सो निहाल का नारा गूंज गया। सभी ने बक्शी की बात का समर्थन किया।
शामिल होने पर भी तर्क-वितर्क
बैठक में समाज के एक वरिष्ठ का कहना था कि ये यात्रा संघ निकाल रहा है हमको उनके पीछे नहीं चलना चाहिए। हमको तो अपना अलग कार्यक्रम करना चाहिए। कांग्रेस नेता सन्नी राजपाल ने कहा था कि यात्रा में राजनीति तो नहीं है। वास्तविकता में शहीदों को याद कर रहा है तो हमको शामिल होना चाहिए। इस पर बक्शी ने कटाक्ष किया। कहना था कि यात्रा आजादी के लिए सिख समाज की कुर्बानी को लेकर की याद में निकाली जा रही है। एक तरह से जनजागरण है सारे समाज का। हमको तो पूरी शक्ति के साथ शामिल होना चाहिए। अधिक से अधिक माता-बहनों और युवाओं को शामिल होना चाहिए ताकि गौरवशाली इतिहास उन्हें भी याद रहे कि जलीयावाला बाग में नरसंहार करने वाले जनरल डायर से विदेश में जाकर बदला लिया था। अध्यक्ष भाटिया ने तय किया कि 13
अप्रैल को हर साल कार्यक्रम किया जाएगा।
केसरिया पगड़ी में आएंगे नजर
सभा ने योजना बनाई है कि यात्रा में समाज के पुरुष केसरिया पगड़ी में होंगे तो महिला सफेद कपड़े पहने होंगी। यात्रा तोपखाना गुरुद्वारे से शुरू होकर चिमनबाग पहुंचेगी। आगे एक साउंड की गाड़ी होगी जिसमें कीर्तन चलेगा।