
Indore.
कहानी : कबीर इंडियन आर्मी इंटेलिजेंस अफसर हैं, जो एक आतंकवादी को पकडऩे के लिए टीम तैयार करता है। इस टीम में कैप्टन खालिद भी है, जो अपने पिता के गद्दार होने का कलंक मिटाने की जद्दोजहद में लगा है। बाद में परिस्थितियां ऐसी बनती हैं कि कबीर को गद्दार माना जाता है और खालिद उसे रोकने निकलता है। यहीं से दोनों के बीच युद्ध शुरू होता है।
एक्टिंग : ऋतिक की एक्टिंग में कसावट है और उनके चेहरे पर चार्मनेस के साथ भावनाओं का उतार-चढ़ाव साफ नजर आता है। साथ में एक्शन और डांस पर जबर्दस्त पकड़ है। टाइगर खुद में लगातार सुधार कर रहे हैं। उछल-कूद और मारधाड़ के साथ उनके फेस एक्सप्रेशन भी मजबूत हो रहे हैं। आशुतोष हमेशा की तरह परफेक्ट रहे। शेष कलाकारों ने अपने हिस्से का काम बेहतर किया।
डायरेक्शन-म्यूजिक : सिद्धार्थ का निर्देशन कसावट भरा तो रहा, लेकिन फिल्म के जो चंद गाने हैं, वे ठूंसे हुए से लगते हैं। बस यहीं फिल्म की रफ्तार कुछ ढीली नजर आती है। फिर भी फस्र्ट हॉफ तेजी से चलता है, लेकिन इंटरवल के बाद शुरुआत में थोड़ी बोझिलता नजर आती है पर क्लाइमैक्स जबर्दस्त रहा। संगीत पक्ष नीरस है, पुराने गानों का रिमिक्स कानों को खिजाता ज्यादा है।
अगले सप्ताह : आने वाले नहीं, बल्कि अगले शुक्रवार को प्रियंका और फरहान की फिल्म द स्काई इज पिंक आ रही है। इसके साथ सैफ अली खान की लाल कप्तान भी रिलीज होगी।
क्यों देखें :
ऋतिक और टाइगर के फैंस के लिए तो फिल्म डबल बूस्टर डोज है, लेकिन हॉलीवुड की एक्शन फिल्मों के दीवानों के लिए भी बेहतरीन फिल्म है। लंबे समय बाद ऐसी दमदार एक्शन और रोमांच से भरी फिल्म आई है, जिसमें वल्गेरिटी नहीं है, एक बार देखना तो बनती है।