हर साल वल्र्ड हार्ट फेडरेशन और वल्र्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन द्वारा 29 सितंबर को वल्र्ड हार्ट डे मनाया जाता है।
इंदौर. बिगड़ती लाइफ स्टाइल, एक्सरसाइज से दूरी और अनियमित डेली रूटीन शहर के एवरेज वर्किंग यूथ्स को दिल से जुड़ी बीमारियों के करीब ला रहा है। दिन की शुरुआत और काम के दौरान, ऑफिस में फास्ट इटिंग, स्नेक्स, लैपटॉप या कम्प्यूटर स्क्रीन के सामने घंटों बैठना, फास्ट फूड और फिर घर लौटकर घंटों टीवी के सामने गुजारना। रोजाना इसी दिनचर्या को दोहराने से युवाओं में दिल संबंधी बीमारी और हार्ट अटैक की शिकायतें बढ़ रही हैं। शहर की इस बिगड़ती सेहत पर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. भारत रावत व निजी मेडिकल कॉलेज ने पिछले दो सालों में 20 कॉरपोरेट ऑफिस में सर्वे किया है। इसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। डॉ. रावत ने बताया, हमने इसमें 20 से 40 साल की यंग वर्किंग क्लास को चुना। इनमें से अधिकांश की लाइफ स्टाइल ऐसी मिली, जिससे वे दिल से जुड़ी बीमारियों की तरफ बढ़ रहे हैं। कार्डियोवैस्कुलर बीमारी (सीवीडी) की रोकथाम, नियंत्रण व जागरूकता के लिए हर साल वल्र्ड हार्ट फेडरेशन और वल्र्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन द्वारा 29 सितंबर को वल्र्ड हार्ट डे मनाया जाता है।
दिल को हमेशा हेल्दी रखने के लिए 10 तरीके
- ट्रांस फेट और इसके हर प्रकार के सोर्स से तौबा करना होगी।
- डेंटल हाइजिन के जरिये दिल को हेल्दी रखा जा सकता है।
- 5 दिन कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज करें।
- एक समय में ज्यादा देर तक बैठे न रहें।
- कम से कम सात घंटे की नींद जरूरी है।
- रात 8 बजे गैजेट्स को अपने से दूर कर दें।
- आस-पास उड़ रहे सिगरेट के धुएं से बचें।
- समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहें।
- फ्र्रूट, वेजिटेबल, नट्स जैसे हार्ट हेल्दी डाइट का सेवन करें।
- हेडफोन, ट्रैफिक साउंड व लाउड म्यूजिक से हार्ट बीट बढ़ती है।
हर साल बढ़ रहे 5-10 फीसदी युवा
शैल्बी हॉस्पिटल के चीफ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अखिलेश जैन ने बताया, रोजाना 30 से ज्यादा मरीज दिल से जुड़ी समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इसमें ३ को हार्ट अटैक की शिकायत रहती है। पहले सिर्फ बुजुर्ग ही पीडि़त थे, लेकिन पिछले 4-5 सालों में युवाओं की संख्या भी बढ़ रही है। इसमें सालाना 5-7 फीसदी की वृद्धि हो रही है। डॉ. अखिलेश के मुताबिक लाइफ स्टाइल, डाइट, तंबाकू सेवन, तनाव के साथ ही सामाजिक विघटन भी एक कारण है। एकल परिवार की परिपाटी ने कामकाजी लोगों को और अधिक तनाव में घसीट दिया है। पहले आदमी संयुक्त परिवार में अपनी समस्याएं शेयर कर कुछ हद तक तनाव से पीछा छुड़ा लेता था, लेकिन अब घर पर भी सुकून नहीं है।
अंग्रेजी शब्द मैड से करें दिल को स्वस्थ
डॉ. रावत ने बताया, हेल्दी हार्ट के लिए अंग्रेजी का मैड शब्द सबसे कारगार हो सकता है। एम मतलब मेंटल रिलेक्सेशन, ए मतलब अवॉइड एडिक्शन, डी मतलब डाइट कंट्रोल और ई मतलब एक्सरसाइज।
दाल-बाटी का मोह छोडऩा होगा : डॉ. भटनागर
डॉ. एडी भटनागर का कहना है कि पिछले 5-6 साल में दिल से संबंधित बीमारियों के पेशेंट बढ़े हैं। एमवाय में रोज ५-६ पेशेंट हार्ट अटैक के आते हैं। महीने में करीब 200 पेशेंट्स हार्टअटैक वाले आते हैं। सच यह भी है कि दिल के प्रति लोग अब सजग हो चुके हैं। अब हर कॉलोनी में जिम है। कई कॉरपोरेट ऑफिसेस में जिम हैं। मॉर्निंग वॉकर्स की तादाद बढ़ी है। लोग वजन कम करने की कोशिश करते हैं। हमारी लाइफ स्टाइल में शारीरिक श्रम नहीं होता, इसलिए हमें कुछ फिजिकल एक्टिविटी करना ही चाहिए। डॉ. भटनागर ने कहा, फैट्स से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, खासतौर से एनिमल जनरेटेड फैट्स यानी दूध, घी, मक्खन, अंडा और मांस से। इन सबका सेवन संतुलित रूप से होना चाहिए। सभी वेजिटेबल ऑइल्स में एेसा फैट बहुत कम होता है जो कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं। हमें दाल-बाफले का मोह छोडऩा होगा। दाल में तडक़े के रूप में घी खाना काफी है पर रोटी पर घी न चुपड़ें। घी और मावे की मिठाइयां, आइस्क्रीम आदि से भी दूर रहना ठीक है, क्योंकि तेज रफ्तार जिंदगी में इन्हें पचाने लायक एक्सरसाइज करने का टाइम लोगों के पास नहीं है।
वॉक फॉर हार्ट आज : 250 से ज्यादा डॉक्टर्स लोगों को करेंगे जागरूक
वल्र्ड हार्ट डे के मौके पर शहर के डॉक्ट्र्स वॉक फॉर हार्ट का आयोजन करेंगे। हार्ट सर्जन डॉ. पंकज तिवारी ने बताया, डॉक्टर्स वॉक फॉर हार्ट में महू नाका से यूनीक हॉस्पिटल तक 250 से ज्यादा डॉक्टर वॉक करेंगे। इस दौरान डॉक्टर्स लोगों को दिल से जुड़ी बीमारियों के बारे में जानकारी देंगे और इसके साथ ही उन्हें इससे बचने के उपाय भी बताएंगे।