
12000 Candidates Vie for 12 Posts in MPPSC Assistant Registrar Exam (patrika.com)
MPPSC- एमपीपीएससी की कुछ परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों में जबर्दस्त ललक देखी जाती है। महज 10-12 पदों के लिए हजारों दावेदार सामने आ जाते हैं। मध्यप्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में सहायक कुलसचिव बनने के लिए भी अभ्यर्थियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा है। इस पद के मप्र लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा के लिए उम्मीदवारों में खासा क्रेज देखा जा रहा है। हाल ये है कि सहायक कुलसचिव भर्ती परीक्षा 2025 में महज 12 पदों पर करीब 12 हजार उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। यानी औसतन एक पद के लिए एक हजार अभ्यर्थी हैं।
एमपी लोक सेवा आयोग ने कुल सचिव परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी करना शुरू कर दिए हैं। लिखित परीक्षा 17 मई को होगी। इसके लिए इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में कुल 31 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक इस भर्ती में आवेदन संख्या बढऩे की बड़ी वजह शैक्षणिक योग्यता रही। पद के लिए न्यूनतम योग्यता पीजी रखी थी, जिसके कारण अलग-अलग विषयों और स्ट्रीम के बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने आवेदन किया।
बताया जा रहा है कि विवि प्रशासनिक सेवा से जुड़े पदों के प्रति युवाओं का रुझान भी तेजी से बढ़ा है। एमपीपीएससी ने सहायक कुलसचिव भर्ती परीक्षा 2025 की अधिसूचना 31 दिसंबर 2025 को जारी की थी। कुल 12 पद में 4 सामान्य वर्ग, 3 ओबीसी, 2-2 एससी और एसटी और 1 पद ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आरक्षित रखा है।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 4 फरवरी से शुरू हुई थी, जो 5 मार्च तक चली। इसी दौरान 12 हजार अभ्यर्थियों ने पंजीयन कराया। परीक्षा ऑफलाइन मोड में होगी। अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट पर प्रश्न हल करने होंगे। परीक्षा में दो पेपर शामिल किए हैं। नेगेटिव मार्किंग भी रहेगी
आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी लागू रहेगी। यानी गलत उत्तर देने पर अंक काटे जाएंगे। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को केंद्र पर तय समय से कम से कम एक घंटा पहले पहुंचने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा और दस्तावेज जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
इस बीच मप्र लोक सेवा आयोग की कुछ अहम परीक्षाओं के शेड्यूल गड़बड़ाने की स्थिति है। आयोग ने मेडिकल ऑफिसर की चयन सूची जारी कर दी है जिससे अभ्यर्थियों को कुछ राहत जरूर मिली है लेकिन इसके बावजूद करीब एक दर्जन परीक्षाओं के शेड्यूल पर आशंका की स्थिति बन गई है। एमपीपीएससी की अनेक बड़ी परीक्षाओं के रिजल्ट या चयन सूची अटकी पड़ी हैं जिससे पूरा कैलेंडर गड़बड़ा जाने का खतरा मंडराने लगा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक 2026 का शेड्यूल यथावत बना रहे, इसके लिए मई के अंत तक रुके हुए परीक्षा परिणाम और इंटरव्यू का शेड्यूल जारी होना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर पूरा शेड्यूल पूरी तरह गड़बड़ा सकता है।
Published on:
09 May 2026 09:44 am
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