जबलपुर

आपदा में अवसर: मप्र के इस शहर ने तैयार कर लिए खुद के ऑक्सीजन प्लांट, रोज बनाएगा 3500 सिलेंडर ऑक्सीजन

जिले में निजी क्षेत्र की तीन ऑक्सीजन इकाइयांमेडिकल कॉलेज में 10-10 टन वाले दो प्लांट की स्थापना

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Apr 04, 2021
Increased oxygen arrangements in Kovid ward in bhilwara
Increased oxygen arrangements in Kovid ward in bhilwara

ज्ञानी रजक@जबलपुर। कोविड की वर्तमान परिस्थितियों में जिले में ऑक्सीजन की कमी की संभावना कम है। मेडिकल कॉलेज में 10-10 टन वाले दो प्लांट की स्थापना और रिछाई औद्योगिक क्षेत्र के प्लांट को मिलाकर तकरीबन 35 सौ सिलेंडर प्रतिदिन की आपूर्ति क्षमता विकसित हो गई है। हाल में ऑक्सीजन से जुड़ा प्रकरण सामने आने के कारण प्रदेश के लगभग सभी जिलों में ऑक्सीजन उत्पादन का ऑडिट किया गया। जबलपुर में जरुरत के मुताबिक ऑक्सीजन की उपलब्धता सामने आई है।
जिले में ऑक्सीजन वाले करीब 450 बेड भरे हैं। यदि विपरीत परिस्थिति उत्पन्न होती है तो ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। पिछली बार जब कोरोना का प्रकोप बढ़ा था तब यहां से न केवल शहर के सरकारी व निजी अस्पताल बल्कि नरसिंहपुर, सागर और दमोह सहित कुछ अन्य जिलों में ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही थी। जानकारों ने बताया कि उस समय अधिक तम 21 सौ सिलेंडर प्रतिदिन तक सप्लाई किए गए थे। जबकि क्षमता तकरीबन 25 सौ सिलेंडर प्रतिदिन की थी। उस लिहाज से अब स्थिति संतोषजनक है।

लिक्विड ऑक्सीजन बड़ी कमजोरी
जिले में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में जरूर है लेकिन इसे तैयार करने में कच्चे माल के रूप में लिक्विड ऑक्सीजन की जरूरत होती है। यह अभी भोपाल, इंदौर और पीथमपुर से आती है। जरूरत पर भिलाई और दूसरे राज्यों से भी सप्लाई का अनुबंध प्रदेश सरकार ने कर रखा है। बताया जाता है कि औद्योगिक क्षेत्र रिछाई में तीन प्लांट है। निजी क्षेत्र की इकाई आदित्य एयर प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड के पास दो प्लांट हैं। एक एयर सेप्रेशन प्लांट है जिसमें यही पर ऑक्सीजन तैयार की जा सकती है। इसकी क्षमता 12 से 18 सौ सिलेंडर प्रतिदिन है। दूसरे प्लांट में लिक्विड से ऑक्सीजन तैयार किया जाता है। इसी प्रकार दूसरी यूनिट जेनिम इंडस्ट्री। वहीं दो अन्य सप्लायर हैं जो कि इन्हीं इकाइयों से सिलेंडर लेकर आपूर्ति करते हैं। यह तमाम प्लांट निजी एवं शासकीय अस्पतालों को ऑक्सीजन देते हैं। इसमें दूसरे जिले भी शामिल हैं।

उद्योगों में 300 से ज्यादा सिलेंडर
जिले में कई छोटे बड़े उद्योग हैं जिनमें ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। बताया जाता है कि इन उद्योगों में तकरीबन 200 से 300 सिलेंडर प्रतिदिन की मांग होती है। पिछले बार आपात स्थिति के कारण इनकी सप्लाई रोक दी गई थी। फिर आपूर्ति बहाल की गई थी ।


जिले में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में उत्पादन हो रहा है। निजी एवं शासकीय अस्पतालों की मांग के अनुरूप इनकी सप्लाई हो रही है। आपात स्थितियों से निपटने की भी तैयारियां हैं। रिछाई से रोजाना 25 सौ सिलेंडर सप्लाई की जा सकती है। इसी प्रकार मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पास भी खुद के प्लांट लग गए हैं।
- देवब्रत मिश्रा व्यापार एवं उद्योग केंद्र


यह है स्थिति
- जिले में निजी क्षेत्र की तीन ऑक्सीजन इकाइयां।
- तीन अन्य सप्लायर जो कि इन्हीं इकाइयों से लेते हैं ऑक्सीजन।
- 25 सौ सिलेंडर प्रतिदिन की सप्लाई दे सकती हैं इकाई।
- मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पास खुद की क्षमता।
- मेडिकल की क्षमता प्रतिदिन एक हजार सिलेंडर की।
- सभी संसाधनों से कुल क्षमता 35 सौ सिलेंडर प्रतिदिन।
- वर्तमान में प्रतिदिन 970 से ज्यादा सिलेंडर की आपूर्ति

Published on:
04 Apr 2021 01:47 pm