जबलपुर

Childrens Day Special : उम्र 12 वर्ष, हाईट मात्र दो फीट लेकिन आवाज में है जादू

फिल्म पा के अमिताभ की तरह प्रजोरिया बीमारी से लड़ रहे हैं 12 साल के श्रेयस, इनकी सुरीली आवाज बना देती है दीवाना

3 min read
Nov 14, 2017
bal diwas par geet 2017 jabalpur

जबलपुर। उम्र करीब 12 वर्ष, कद लगभग दो फीट लेकिन हौसलों की बुलंदी इतनी कि उसे लालबत्ती मिल चुकी है। उसके सुरीली आवाज पर हर कोई फिदा है। बात हो रही है, प्रोजोरिया नामक बीमारी से पीडि़त श्रेयस की। रामपुर चौक के पास शंकरशाह नगर निवासी अरविन्द बरमाटे के पुत्र श्रेयश को वहीं बीमारी है जो फिल्म पा में नायक अमिताभ बच्चन पर दर्शाई गई है। श्रेयस को देखने से पा के ऑरो की याद जरूर आएगी, लेकिन श्रेयस उन यादों का भी एक ऐसा रूप है जो वाकई लोगों का दिल जीत ले। श्रेयश भले ही देखने में उसके हमउम्र अन्य बच्चों की तरह नहीं है, लेकिन सुनने में वह इन सबसे बड़े हैं। इनके सुरों के साज पर हर कोई फिदा है। वह लाखों बच्चों के लिए एक रोल मॉडल है, जो अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति के बूते अपनी कमजोरी को ताकत बनाकर शिखर को छू लेते है। बाल दिवस पर विशेष रिपोर्ट-
सिंगिंग के साथ डांसिंग का भी शौक
श्रेयश भले ही एक लाइलाज बीमारी की गिरफ्त में हैं, लेकिन वे अपनी जिंदगी बड़े ही शान से जी रहे हैं। वे बालक मंदिर हॉयर सेकंडरी स्कूल में कक्षा 6 के छात्र है। हर समय वे पढ़ाई के साथ-साथ संगीत में रमे रहते हैं। श्रेयर की अवाज इतनी सुरीली है मानों स्वयं सरस्वती विराजती हों। 3 वर्ष की उम्र से संगीत को अपना सहारा बनाने वाले श्रेयस संगीत वादन में भी खासे माहिर हैं। सुरीली आवाज में गाने के साथ-साथ पियानो और तबले को बड़ा ही शानदार बजाते हैं। आज इंटरनेट की मदद से श्रेयश संगीत की दुनिया में मुकाम तलाश रहा है। श्रेयस को डांस का भी बहुत शौक है।
लाखों में एक है श्रेयश
डॉक्टर कहते हैं कि प्रोजोरिया बीमारी लाखों में किसी एक बच्चे को होती है। लेकिन श्रेयश के पिता को इस बात की कोई परवाह नहीं। वे कहते है एक समय था कि जब श्रेयश को लेकर बाहर जाते थे तो लोगों की नजरें चुभा करती थीं। अब लोगों का नजरिया बदल गया है। लोग देखते हैं तो कहते हैं ये तो बहुत अच्छा गाते हैं। श्रेयश का नागपुर में इलाज हो रहा है। प्रजोरिया बीमारी से वे देश में 60वें और प्रदेश में इकलौते पीडि़त हैं। अमेरिका में प्रजोरिया के इलाज पर रिसर्च हो रही है।
विलक्षण प्रतिभा के चलते बने प्रेसीडेंट
अद्भुत जज्बे और संगीत में महारथ हासिल करने वाले श्रेयश की विलक्ष्ण प्रतिभा को देखते हुए उन्हें सरकार की ओर से एक विशेष सम्मान दिया गया है। श्रेयश को मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ.राघवेन्द्र शर्मा ने 24 मार्च 2017 को एक दिन का प्रेसिडेंट नियुक्त कर चुके हैं। श्रेयस ने इस दौरान पूरे आत्मविश्वास के साथ इस जिम्मेदारी को दिनभर निभाते रहे। वे तीनों सत्रों में दिन भर मौजूद रहे। उन्होंने ठाठ से अध्यक्षता करते हुए खुलकर अपने विचार भी रखे। यहां तक कि आयोग के अध्यक्ष राघवेंद्र शर्मा को भी आदेश दिए।

सीएम कर चुके हैं सम्मानित- रियल लाइफ के पा से सीएम शिवराज सिंह चौहान भी मिल चुके हैं। उनके संगीत के कायल सीएम ने श्रेयस का सम्मान भी किया है। महापौर, कमिश्रर भी उनसे मुलाकात कर चुकी है।
डॉक्टर, वैज्ञानिकों का तांता - बिग-बी की फिल्म में सीनियर पा के बाद से सुर्खियों में आए श्रेयश से मिलने हर कोई आतुर रहता है। लगातार डॉक्टर व वैज्ञानिकों की टीम उनकी इस बीमारी पर शोध करती है।
बॉलीवुड से आ रहे लोग- श्रेयश के जीवन की रियलटी को फिल्माने बॉलीवुड से लेकर छोटे पर्दे को लोग पहुंच रहे हैं। अभी हाल ही में चंडीगढ़ से एक टीम पहुंची थी, जिन्होंने श्रेयश पर शॉट फिल्म शूट की है।
सारेगामा में हुए शामिल- श्रेयस को भक्ति गीत व नए-पुराने फिल्मी गाने तो जुबां पर रटे हैं। नन्हीं सी उम्र में उन्होंने खुद भी गाने लिखे हैं। वे टेलीविजन शो सा, रे, गा, मा, पा .. के ऑडीशन में भी शामिल हो चुके हैं।

Published on:
14 Nov 2017 11:01 am
Also Read
View All

अगली खबर