Make MY Trip Tour Company Case : जिला उपभोक्ता आयोग अनुचित व्यापार प्रथा व सेवा में कमी के लिए मेक माय ट्रिप को दोषी पाया...
Make MY Trip Tour Company Case : टूर पैकेज में शामिल करने के बाद भी यात्रियों को नाश्ता नहीं कराना टूर कम्पनी को महंगा पड़ा है। अब उसे टूर पर गए यात्री को 25 हजार रुपए चुकाने होंगे। जिला उपभोक्ता आयोग के चेयरमैन पंकज यादव व सदस्य अमित सिंह तिवारी की पीठ ने अनुचित व्यापार प्रथा व सेवा में कमी के रवैये पर कम्पनी को आड़े हाथों लिया और दोषी ठहराया।
उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर करने वाले गोरखपुर जबलपुर निवासी यश जैन, वंश कटारिया और भरत सुखेजा ने बताया कि उन्होंने दुबई यात्रा के लिए मेक माय ट्रिप प्राइवेट लिमिटेड के जरिए टूर बुक किया था। जूम टे्रवल्स से दुबई जाने, रुकने और वापस लौटने के बारे में जानकारी हासिल की तो सात दिन की ट्रिप के 50 हजार 700 रुपए जमा कराए गए। उन्हें जो टूर पैकेज बताया गया था उसमें दुबई के ओमेगा होटल में एक्सक्लूसिव श्रेणी में रुकने की व्यवस्था के साथ कम्पलीमेंटरी नाश्ते का करार था।
होटल प्रबंधन ने इनकार किया
जब परिवादी दुबई पहुंचे तो होटल प्रबंधन ने किसी भी तरह के पैकेज को मानने से इनकार कर दिया। उसने सभी तरह की चीजों के अलग से पैसे मांगे, वहीं, जिन सुविधाओं की बात हुई थी, उन्हें भी पूरा नहीं किया गया। इससे परेशान होकर उन्होंने होटल छोड़ दिया और दूसरी जगह रुके। इससे जहां उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा वहीं, मानसिक पीड़ा के दौर से भी गुजरना पड़ा।
यह दिया आदेश
परिवादियों के अधिवक्ता गौरव मिश्रा ने तर्क दिया कि यह सेवा में कमी तो है ही कम्पनी का कार्य अनुचित व्यापार प्रथा के दायरे में आता है। उपभोक्ता आयोग की पीठ ने इससे सहमति जताते हुए राहतकारी आदेश पारित करते हुए मेक माय ट्रिप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को निर्देश दिया कि ब्रेकफास्ट मुहैया न कराए जाने के एवज में साढ़े 12 हजार क्षतिपूर्ति दी जाए। वहीं, मानसिक पीड़ा के लिए 10 हजार व मुकदमे का खर्च तीन हजार अदा करे।