युवाओं की पसंदीदा बनी रसायनयुक्त सिगरेट, गले-छाती की बीमारियों का खतरा
शहर के युवाओं का रुझान केमिकल सिगरेट की ओर बढ़ रहा है। युवा वर्ग सिगरेट के धुएं के साथ मीठे जहर के छल्ले उड़ा रहे हैं। इससे उनके गले सहित छाती की बीमारियां होने की आशंका बढ़ गई है। युवाओं के लिए सदर पसंदीदा जगह बन गया है, जहां मनचाहे फ्लेवर में सिगरेट बेची जा रही है। इसका खुलासा एक्सपोज स्टिंग में हुआ। यहां सिगरेट मांगते ही उसमें केमिकल लगाकर दे दिया जाता है।
जबलपुर. शहर में गांजा प्रकरण से यह खुलासा हुआ है कि लोग गांजे की गिरफ्त में आ रहे हैं। इसमें युवा सहित अन्य शामिल हैं। शहर की दुकानों में चिलम सहित अन्य आत्याधुनिक पाइप मिल रहे हैं। इसके साथ ही अब नया नशा सामने आया है, जहां फ्लेवर लगाकर सिगरेट बेची जा रही है। जानकार कहते हैं कि इससे सिगरेट पीने वाले को नशे का अहसास होता है और सिगरेट पीने में आम लोगों को यह अहसास नहीं होता है कि वह क्या पी रहा है।
सौंफ-किमाम-बटर स्कॉच पसंदीदा
दुकान पर यह सामने आया कि सौफ-किमाम और बटरस्कॉच फ्लैवर सिगरेट पीने वालों का पंसदीदा था। ज्यादातर लोग आकर इन फ्लैवर की डिमांड कर रहे थे। मिंट फ्लैवर कम ही लोग ले रहे थे। दुकानदार का कहना था कि मिंट फ्लेवर ठंड के समय ज्यादा चलता है।
केमिकल से खतरा
प्रो. एचबी पालन के मुताबिक सिगरेट में एसेंस लगाने से सेहत बिगड़ने का खतरा है। दरअसल, एसेंस में ईथर होता है, जो जलने पर रासायनिक क्रिया करता है। यह शरीर के लिए हानिकारक है, इससे स्वास्थ्य खराब हो सकता है।
ये था नजारा
सदर स्थित चौपटी की दुकान में सिगरेट सहित अत्याधुनिक चिलम बेची जा रही है। यहां युवा आ रहे थे, जो अपने पसंदीदा फ्लैवर की सिगरेट मांग रहे थे। दुकानदार फ्लैवर के नाम पर सिगरेट पर अंगुली से केमिकल का लेप लगाकर दे रहा था। सिगरेट जलाकर लोग जा रहे थे। सामान्यत: लोग एक सिगरेट का 30 रुपए भुगतान कर रहे थे।
फ्लेवर वाली सिगरेट मिल जाएगी?
हां, मिल जाएगी। कौन सी दें?
कौन सा अच्छा फ्लेवर रहेगा?
सब अच्छे फ्लेवर हैं। आपको कौन सा चाहिए?
कोई भी दे दो।
(सिगरेट निकालकर दुकानदार ने केमिकल लगाया और सिगरेट दे दी।)
ये कौन सा फ्लेवर है?
सौंफ।
सौंफ में तो मजा नहीं आएगा?
ये सबसे ज्यादा चलता है। आप पीकर तो देखो। बार-बार आओगे।
जानकारी नहीं
- नशे की सिगरेट बेचने की जानकारी नहीं है। मामले को दिखवाया जाएगा।
अरविंद चौबे, टीआई, केन्ट
- नशे की सिगरेट के मामले को दिखवाया जाएगा। फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है।
कमलेश टांडेकर, जिला खाद्य अधिकारी