जबलपुर

पूर्व विधायक गम्भीर सिंह चौधरी की जमानत अर्जी पर सुनवाई पूरी

हाईकोर्ट ने अपना फैसला किया सुरक्षित, एसडीएम के चेहरे पर कालिख पोतने का मामला  
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Dec 01, 2020
High Court of Madhya Pradesh
High Court of Madhya Pradesh

जबलपुर. छिंदवाड़ा जिले के चौरई में एसडीएम के चेहरे पर कालिख पोतने के आरोपी पूर्व कांग्रेस विधायक गम्भीर सिंह चौधरी की अग्रिम जमानत की अर्जी पर मप्र हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजय यादव व जस्टिस सुजय पॉल की डिवीजन बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया। इसके पूर्व राज्य सरकार की ओर से जवाब दिया गया, जिसे रिकॉर्ड पर ले लिया गया। अभियोजन के अनुसार छिंदवाड़ा जिले के चौरई कस्बे में 18 सितम्बर को कांग्रेस के पूर्व विधायक चौधरी गंभीर सिंह, युवक कांग्रेस नेता बंटी पटेल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता बाढ़ पीडि़त किसानों को मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर पद यात्रा निकाल रहे थे। यात्रा के अंतिम चरण में सभी चौरई अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय जा पहुंचे और घेराव कर दिया। एसडीएम पटेल बाहर आकर प्रदर्शनकारियों से बात कर रहे थे, तभी एक नेता ने अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व (एसडीएम) सीपी पटेल के चेहरे पर कालिख पोत दी। तहसीलदार के आने के बाद शांति स्थापित हुई। पुलिस ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया । इसी मामले में पूर्व विधायक गम्भीर सिंह चौधरी के खिलाफ भादवि 147, 148,188 269, 270, 307, 353, 355, 332 व आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया। वर्तमान व पूर्व सांसदों, विधायकों की भोपाल स्थित विशेष अदालत ने 6 अक्टूबर को पूर्व विधायक गम्भीर सिंह को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। इस पर गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट के समक्ष यह अग्रिम जमानत की अर्जी 14 अक्टूबर को पेश की गई। पूर्व विधायक गम्भीर सिंह की ओर से अधिवक्ता वरुण तन्खा, आपत्तिकर्ता एसडीएम सीपी पटेल की ओर से अधिवक्ता राजेश चन्द व राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता पीके कौरव के साथ शासकीय अधिवक्ता प्रकाश गुप्ता ने पक्ष रखा।

Updated on:
01 Dec 2020 06:55 pm
Published on:
01 Dec 2020 06:55 pm