जबलपुर

Master Plan 3 साल से अटका, भोपाल के जेडी को अतिरिक्त प्रभार

Master Plan 3 साल से अटका, भोपाल के जेडी को अतिरिक्त प्रभार  
1 minute read
Feb 04, 2024
Master plan
Master plan

जबलपुर. नगर के नए निवेश एरिया के भविष्य के विकास का खाका तीन साल से अटका हुआ है। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार नगर एवं ग्राम निवेश कार्यालय जबलपुर में संयुक्त संचालक के तौर पर पूर्णकाणिक अधिकारी की नियुक्ति न होना इसका बड़ा कारण है। पिछले जेडी एसके मुद्गल के पास अन्य जिलों के साथ यहां का भी प्रभार था, जो 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो गए।

नगर एवं ग्राम निवेश कार्यालय को नहीं मिला पूर्णकालिक अधिकारी
31 को सेवानिवृत्त हुए पूर्व के प्रभारी जेडी

ज्यादातर समय भोपाल में रहते थे जेडी

बताया गया कि मुद्गल ज्यादातर समय यहां नहीं आते थे। इसी तरह से उनके पहले जेडी आरके सिंह को भी अन्य जिले के साथ यहां का प्रभार दिया गया था। नई पदस्थापना भी इसी प्रकार की गई है। जेडी डॉ. अमित गजभिये नगर एवं ग्राम निवेश संचालनालय भोपाल में पदस्थ हैं। उन्हें सागर, रीवा के साथ जबलपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

नगर में मास्टर प्लान
2008 से 2021 तीसरा मास्टर प्लान
2020 में चौथे मास्टर प्लान के लिए शुरू हो गई थी कवायद
1998 से 2005 दूसरा मास्टर प्लान
1980 से 1991 पहला मास्टर प्लान

निवेश एरिया में विकास की दिशा व दशा तय करने के लिए विकास योजना समय पर लागू होना आवश्यक है। चौथे मास्टर प्लान को शीघ्र तैयार कर उस पर अमल शुरू किया जाना चाहिए।

राजेश बहुगुणा, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी

2020 में शुरू हुई थी प्रकिया

नया मास्टर प्लान प्रक्रियाधीन है। डिजिटल मास्टर प्लान बनाने की प्रक्रिया 2020 में शुरू हो गई थी। शहर स्तर पर इसका काम होने के बाद आगे का काम नगर व ग्रामीण निवेश संचालनालय के स्तर पर होना है। लगभग तीन साल से काम अटका हुआ है। नया मास्टर लागू होने पर निवेश का का क्षेत्र 375 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा, जो वर्तमान में 245 वर्ग किलोमीटर है।

Published on:
04 Feb 2024 12:00 pm