जबलपुर

मानसून की ट्रफ लाइन करीब, लेकिन नहीं हो रही बारिश

जबलपुर में इस बार औसत से भी कम बारिश, अगस्त के पहले सप्ताह में भी हुई मात्र डेढ़ इंच बारिश
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Aug 06, 2020
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जबलपुर
मानसून की ट्रफ लाइन जबलपुर के ऊपर से गुजर रही है। काले घने बादल भी छाए हैं पर कुछ ही मिनटों की बूंदाबांदी के बाद बादल गायब हो जा रहे हैं। जिले में इस वर्ष जून और जुलाई में औसत से आधी बारिश हुई। वहीं अगस्त के पहले सप्ताह भी मानसूनी बादलों की खेप नहीं बरसी।अगस्त के पहले सप्ताह के दौरान मात्र ३७ मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।सावन सूखा बीतने के बाद भादों में शहर के अच्छे से भींगने की उम्मीद फिलहाल पूरी होती नजर नहीं आ रही है।

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब दक्षिणी-पश्चिमी मध्यप्रदेश में शिफ्ट हो गया। इससे बारिश वाले बादलों की खेप गुरुवार को पूरे दिन आसमान में बनी रही। दोपहर में कहीं-कहीं मामूली बूंदाबांदी हुई। इधर, बारिश की सम्भावना बनाने वाली ट्रफ लाइन की मौजूदा पोजीशिन जबलपुर, कोरबा, झारसुगुड़ा, चांदबाली होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जहां से ट्रफ लाइन गुजरती है उसके बजाय उससे सौ से डेढ़ सौ किलोमीटर के दायरे के बाहर के स्थानों पर झमाझम बारिश होती है। नए चक्रवाती सिस्टम और कम दबाव के क्षेत्रों के कारण शुक्रवार को सिवनी, डिंडोरी, मंडला, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर में अच्छी बारिश की सम्भावना है।
तापमान में उछाल बरकरार-
शहर में गुरुवार को दोपहर में कुछ देर के लिए धूप खिलने के अलावा ज्यादातर समय पर काले बादलों का अंधेरा छाया रहा। दोपहर बाद काले घने बादलों से आसमान पूरी तरह ढंक गया। ऐसा लगा कि तेज बारिश होगी। अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड हुआ। दोनों ही स्तर पर तापमान सामान्य से एक डिग्री ज्यादा बना रहा। दक्षिण-पश्चिमी हवा छह किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चली। नमी भरी हवा चलने से उमस-गर्मी से राहत रही। चौबीस घंटे में 12.6 मिमी बारिश के साथ जिले में सीजन में कुल वर्षा 352.7 मिमी हो गई है।

नए सिस्टम से ज्यादा बारिश का अनुमान-
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात बंगाल की खाड़ी से निकलकर दक्षिण-पश्चिमी मध्यप्रदेश पहुंच गया है। दक्षिणी-पश्चिमी मध्यप्रदेश के जिलों के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मानसून टफ लाइन दीसा और कम दबाव वाले क्षेत्र के केन्द्र से होकर जबलपुर, कोरबा, झारसुगुड़ा, चांदवाली से गुजरते हुए पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। उत्तरी कोंकण-गोवा क्षेत्र के ऊपर चक्रवाती गतिविधि है। बंगाल की खाड़ी में 9 अगस्त एक नया सिस्टम बन सकता है। इसके प्रभाव से शहर में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। द्रोणिका के शहर के बीच से गुजरने के कारण शहर के बजाय आसपास के क्षेात्रों में इसका असर ज्यादा रहेगा। सम्भाग के कई जिलों में वर्षा का अनुमान है।

Published on:
06 Aug 2020 06:44 pm