जगदलपुर

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा, बस्तर ओलंपिक के समापन में होंगे शामिल, 300 सरेंडर नक्सली दिखाएंगे खेल प्रतिभा

Amit Shah CG Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंच रहे हैं। यहां जगदलपुर में अमित शाह बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल होंगे।
2 min read
Amit Shah CG Visit

Amit Shah CG Visit: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रविवार दोपहर 1.30 बजे जगदलपुर पहुंचेंगे। वे दोपहर 2 बजे से बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में हिस्सा लेंगे। उनके सामने 300 सरेंडर नक्सली अपनी खेल प्रतिभा दिखाएंगे। इसके अलावा नक्सल हिंसा में दिव्यांग होने वाले ग्रामीण भी ओलंपिक में हिस्सा ले रहे हैं। शाह उनसे भी मिलेंगे।

Amit Shah CG Visit: बस्तर ओलंपिक के कार्यक्रम को लाइव दिखाने की तैयारी

समापन समारोह में बस्तर संभाग के सातों जिलों के 3000 खिलाड़ी मौजूद रहेंगे, शाह इन सभी का हौसला बढ़ाएंगे। बस्तर में इस वृहद खेल आयोजन के जरिए शांति बहाली के प्रयास किए जा रहे हैं। (Chhattisgarh News) ऐसे में शाह का इन खिलाड़ियों के बीच पहुंचना बेहद खास है। इधर अमित शाह के पूरे कार्यक्रम को लाइव दिखाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

बस्तर संभाग के सबसे धुर नक्सल प्रभावित पूवर्ती गांव तक सरकार ने टीवी सेट पहुंचाए हैं। यहां के लोग आजादी के बाद पहली बार टीवी पर कोई लाइव कार्यक्रम देखेंगे। पूवर्ती के ग्रामीण देश के गृहमंत्री को लाइव सुनेंगे। इसके अलावा बस्तर के अन्य नक्सल प्रभावित गांवों में बस्तर ओलंपिक के कार्यक्रम को लाइव दिखाने की तैयारी की गई है।

अबूझमाड़ के किसी कैंप में जा सकते हैं शाह

शनिवार को दिनभर यह चर्चा होती रही कि आखिर शाह रविवार की रात बस्तर के किस कैंप में बिताएंगे। इस बीच कुछ सूत्रों ने कहा कि शाह अबूझमाड़ के किसी कैंप में रात गुजार सकते हैं। हालांकि शनिवार देर शाम तक यह पुष्टि नहीं हो पाई कि शाह किस कैंप में जाने वाले हैं। शुक्रवार को सुकमा और बीजापुर जिले में नक्सलियों के बटालियन नंबर 1 के प्रभाव वाले गांव गोलकुंडा में एक कैंप स्थापित हुआ। कहा जा रहा है कि शाह यहां भी जा सकते हैं।

बस्तर और कोण्डागांव को नक्सल हिंसा मुक्त घोषित कर सकते हैं…

Amit Shah CG Visit: बताया जा रहा है कि अमित शाह रविवार को जगदलपुर में बस्तर और कोण्डगांव जिले को नक्सल मुक्त घोषित कर सकते हैं। (Chhattisgarh News) इन दोनों जिलों में लंबे वक्त से कोई बड़ी नक्सल वारदात नहीं हुई है। इस लिहाज से इन दोनों जिलों को नक्सल प्रभावित जिलों की सूची से बहार किए जाने की बात कही जा रही है।

Updated on:
15 Dec 2024 08:24 am
Published on:
15 Dec 2024 08:24 am