RTO Action: जयपुर में परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 775 वाहनों की आरसी निरस्त करने का निर्णय लिया है, जिनका रजिस्ट्रेशन फर्जी दस्तावेजों पर किया गया था।
3 Digit Number Scam: थ्री डिजिट VIP नंबरों के फर्जीवाड़े मामले में जयपुर RTO ने 39 अधिकारी-कर्मचारियों और बाहरी लोगों के खिलाफ गांधी नगर थाने में मामला दर्ज कराया है।
वहीं, वाहनों के भौतिक सत्यापन के दौरान 775 वाहन ऐसे पाए गए, जिनका रजिस्ट्रेशन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर या बिना रिकॉर्ड के किया गया था। ऐसे सभी 775 वाहनों की आरसी निरस्त की जाएगी। इनमें कई लग्जरी वाहन भी शामिल है, जिनका अब दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं होगा और वे कबाड़ हो जाएंगे।
इस फर्जीवाड़े का खुलासा राजस्थान पत्रिका ने किया था, जिसके बाद परिवहन विभाग ने सभी RTO कार्यालयों की जांच कराई। विभाग की जांच समिति ने प्रदेशभर में करीब 10 हजार VIP नंबरों में हेरफेर की आशंका जताई है। समिति की रिपोर्ट में इस पूरे मामले में सरकार को 500 से 600 करोड़ रुपए की राजस्व हानि होने का अनुमान लगाया है।
सभी आरटीओ-डीटीओ से रिपोर्ट मांगी गई है। 31 दिसंबर तक की समय-सीमा तय की गई थी। जो अधिकारी कार्रवाई नहीं करेंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुरुषोत्तम शर्मा, परिवहन आयुक्त
परिवहन विभाग ने 31 दिसंबर तक सभी आरटीओ-डीटीओ को दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे और इसके बाद कार्रवाई का सर्टिफिकेट भी मांगा था।
जयपुर RTO राजेन्द्र सिंह शेखावत की ओर से 39 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है, लेकिन अन्य जिलों में कार्रवाई की धीमी गति को लेकर अधिकारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।