
मुकेश शर्मा
राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में इनपर ग्रहण लगाने के लिए कई सरकारी कर्मचारी-अधिकारी नजर गड़ाए हैं। एसओजी व अन्य जिलों की पुलिस जांच में 189 लोक सेवकों को संदिग्ध बताया गया है, जिनका पेपरलीक व नकल गिरोह से संपर्क रहा है। सूत्रों के अनुसार सर्वाधिक 95 संदिग्ध अधिकारी-कर्मचारी शिक्षा विभाग में तैनात हैं। वहीं, पुलिस विभाग में 16 तो राजस्व में 14 कर्मी पेपरलीक में रडार पर हैं।
राज्य सरकार पेपर लीक व नकल गिरोह के संपर्क में रहने वाले 86 लोक सेवकों को बर्खास्त कर चुकी, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में गिरोह के संपर्क में कर्मचारी-अधिकारी कार्यरत हैं। हाल ही में सरकार ने सभी विभागों से कार्यरत सरकारी कर्मचारी-अधिकारियों की सूची मांगी है, जो पेपरलीक गिरोह के संपर्क में रह चुके और उनके खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक सबसे अधिक शिक्षा से जुड़े संदिग्ध लोक सेवकों की सूची सरकार के सामने आई हैं।
शिक्षा विभाग में सबसे अधिक सैकंडरी शिक्षा के 64 कर्मचारी-अधिकारी संदिग्ध हैं। इसके बाद प्राथमिक शिक्षा के 23, कॉलेज शिक्षा के 3, संस्कृत शिक्षा के 3 व एम. एड. के 2 कर्मचारी-अधिकारी संदिग्ध हैं, जिनके खिलाफ पेपरलीक व नकल गिरोह से जुड़े होने पर विभागीय जांच चल रही है। कुछ विभाग ऐसे भी हैं, जिनमें एक-एक कर्मचारी को संदिग्ध बताया है।
शिक्षा - 95
पुलिस - 16
राजस्व - 14
न्यायिक - 13
पंचायती राज - 08
जेवीवीएनएल(जयपुर) - 04
वन - 04
एनएचएम - 04
जेल - 04
आरएसी - 04
एसआई (प्रशिक्षु) - 04
पीडब्ल्यूडी - 02
महिला अधिकारिता - 02
जेवीवीएनएल(जोधपुर) - 02