
जम्मू-कश्मीर में बाबा बर्फानी के दर्शन कर वापस अपने गृह राज्य राजस्थान लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक बस गुरुवार को भीषण हादसे का शिकार हो गई। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामबान क्षेत्र के पास यात्रियों से भरी चलती बस का अचानक पिछला टायर फट गया, जिसके तुरंत बाद पूरी बस में तेजी से भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि टायर फटने और धुआं निकलते ही बस के ड्राइवर और स्थानीय लोगों की मुस्तैदी के चलते बस में सवार सभी 52 यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा दर्दनाक हादसा टल गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस में सवार सभी श्रद्धालु राजस्थान के उदयपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले सलूंबर जिले के ढाकरड़ा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं, जो खेरवाड़ा क्षेत्र के माध्यम से इस धार्मिक यात्रा पर गए थे। हालांकि, इस भयानक अग्निकांड में बस सहित सभी यात्रियों का कीमती सामान, कपड़े और दस्तावेज जलकर पूरी तरह खाक हो गए हैं, लेकिन जान सुरक्षित रहने पर पीड़ित परिवारों और उनके राजस्थान स्थित रिश्तेदारों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब सलूंबर के ढाकरड़ा गांव के 52 ग्रामीणों का जत्था अमरनाथ गुफा के सफल दर्शन करने के बाद अपनी बस से वापस जम्मू की तरफ लौट रहा था।
जम्मू-कश्मीर के रामबान इलाके में हाईवे से गुजरते समय अचानक तेज धमाके के साथ बस का पिछला टायर फट गया। टायर फटने से उत्पन्न हुए घर्षण और चिंगारी के कारण बस के डीजल टैंक या वायरिंग ने तुरंत आग पकड़ ली। देखते ही देखते लपटों ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।
बस के भीतर अचानक धुआं भर जाने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन चीख-पुकार के बीच सभी मुसाफिरों को एक-एक कर तुरंत बस की खिड़कियों और दरवाजों से बाहर सुरक्षित उतारा गया।
जैसे ही इस भीषण हादसे की खबर राजस्थान के सलूंबर जिले के ढाकरड़ा और खेरवाड़ा क्षेत्र में पहुंची, तीर्थयात्रियों के परिजनों में हड़कंप मच गया। लोग अपनों की कुशलता जानने के लिए लगातार फोन मिलाने लगे।
हालांकि सभी मुसाफिर पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि किसी को भी बस के भीतर रखा अपना बैग, पैसे या अन्य जरूरी सामान निकालने का मौका नहीं मिला। बस के साथ-साथ सभी 52 यात्रियों का पूरा सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया है।
ढाकरड़ा गांव के स्थानीय लोगों ने बताया कि जब शुरुआत में बस में आग लगने की सूचना मिली तो पूरे गांव में डर का माहौल था, लेकिन बाद में सभी के सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद ग्रामीणों ने भगवान का शुक्रिया अदा किया।
हादसे की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, हाईवे अथॉरिटी और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी तुरंत फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे। जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक बस पूरी तरह लोहे के ढांचे में तब्दील हो चुकी थी।
प्रशासन ने हाईवे पर बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सभी डरे हुए और परेशान राजस्थानी यात्रियों को तुरंत प्राथमिक सहायता और पीने का पानी उपलब्ध कराया गया।
यात्रियों का सारा सामान और पैसे जल जाने के कारण स्थानीय प्रशासन ने अपनी तरफ से विशेष व्यवस्था की। सभी 52 यात्रियों को अन्य सुरक्षित वाहनों में बिठाकर आगे जम्मू के लिए रवाना कर दिया गया है, जहां से उन्हें वापस राजस्थान भेजने के प्रबंध किए जा रहे हैं।