
Ashok Gehlot : दिल्ली में वोट चोरी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआइ कार्यकर्ता रितु बराला के साथ कथित मारपीट का मामला राजस्थान में राजनीतिक तूल पकड़ रहा है। एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर सोमवार शाम कांग्रेस ने पार्टी नेताओं और लीगल टीम के साथ जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में धरना शुरू किया था। इस मामले पर कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने कहा क्या राजस्थान की भाजपा सरकार पूरी तरह से अक्षम हो चुकी है? अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया X पर लिखा कि जयपुर पुलिस को रितु बराला की केवल एक 'जीरो FIR' दर्ज करके मामला आगे दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर करना है। आगे की पूरी जांच और कार्रवाई दिल्ली पुलिस को ही करनी है। इसके बावजूद राजस्थान की एक बेटी को न्याय के लिए थानों में क्यों जलील किया जा रहा है?
अशोक गहलोत ने आगे लिखा कि क्या भाजपा शासित राज्यों में अब किसी बेटी को केवल इसलिए न्याय नहीं मिलेगा कि वह कांग्रेस पार्टी या उसके छात्र संगठन (NSUI) से जुड़ी है? क्या अब इस देश में दो कानून चलेंगे, एक सत्ता पक्ष के लिए और दूसरा विपक्ष के लिए?
अशोक गहलोत ने लिखा कि राजस्थान पुलिस और सरकार कान खोलकर नए कानून (BNSS) की यह व्यवस्था सुन लें, जिसका वे सरेआम उल्लंघन कर रहे हैं। BNSS की धारा 173 (1) : अपराध देश के किसी भी कोने में हुआ हो, पुलिस को 'जीरो FIR' हर हाल में दर्ज करनी होगी। मुख्यमंत्री जी, पुलिस को राजनीतिक मोहरा बनाना बंद करें। रितु बराला के मामले में तुरंत जीरो FIR दर्ज कर राजधर्म और कानूनी धर्म निभाया जाए।
जयपुर में एनएसयूआई (NSUI) नेता रितु बराला के साथ नयी दिल्ली में कथित मारपीट के मामले की जीरो प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर जयपुर पुलिस आयुक्तालय पर प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का धरना एवं प्रदर्शन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।
प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार को जयपुर पुलिस आयुक्तालय पर धरना शुरू कर दिया था जो रात में भी जारी रहा। देर रात में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी धरने में शामिल हुए। मंगलवार को भी धरना जारी है और आयुक्तालय के सामने कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं।
सुबह से ही पुलिस आयुक्तालय के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। प्रदर्शनकारी पुलिस एवं राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दोपहर में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने 'रितु बराला को न्याय दो' के नारे लगाकर विरोध जताया।