
Tiger Shroff Firing Case : पुलिस अधीक्षक, कोटा शहर तेजस्वनी गौतम। फोटो पत्रिका
Tiger Shroff Firing Case : कोटा. पुलिस अधीक्षक, कोटा शहर तेजस्वनी गौतम ने बॉलीवुड स्टार टाइगर श्रॉफ पर एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ‘मेरे पास मुंबई पुलिस के एक अधिकारी का सुबह करीब 9.15 बजे फोन आया। उन्होंने इनपुट दिया कि बॉलीवुड स्टार टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने के वांछित तीन आरोपी जयपुर-पुणे ट्रेन से कुछ ही देर में कोटा पहुंचने वाले हैं। समय कम था, इसलिए मैंने बिना वक्त गंवाए रेलवे कॉलोनी थानाधिकारी रामस्वरूप मीणा और भीमगंजमंडी थाना प्रभारी रामविलास मीणा के साथ विशेष टीम के लईक अहमद, साइबर सेल के अजय सिंह और राजस्थान एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के प्रताप सिंह और आरपीएफ के चौपसिंह डाबर को तुरंत सिटी एसपी ऑफिस बुलाया।
पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि यहां सभी तत्काल पहुंचे और हमने रणनीति बनाई कि कोटा रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर आरोपियों को डिटेन करना है। हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपियों की तस्वीरें तो उपलब्ध थीं, लेकिन ट्रेन में उनकी लोकेशन की जानकारी नहीं थी। ऐसे में यात्रियों की भीड़ और प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों के बीच उनकी पहचान कर पकड़ना आसान नहीं था। हमने तय किया कि ट्रेन के कोटा पहुंचने से पहले ही जरूरी इंतजाम कर लिए जाएं, ताकि आरोपियों को पुलिस की मौजूदगी की भनक नहीं लगे। मुझे यह भी आशंका थी कि आरोपी ट्रेन के आउटर पर रुकने के दौरान उतरकर भागने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए आउटर पर भी पुलिस टीम तैनात की गई।
पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि ट्रेन के अगले और पिछले हिस्से में सिविल ड्रेस में जवान लगाए गए, ताकि संदिग्धों पर नजर रखी जा सके और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। पूरी रणनीति बनाने, टीमों को सक्रिय करने और स्टेशन पर पहुंचकर कार्रवाई करने के लिए हमारे पास महज 20-25 मिनट का समय ही था।
पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि इसी बीच सुबह 10.16 बजे ट्रेन कोटा स्टेशन पहुंची तो पुलिस ने अलग-अलग कोच में तलाशी शुरू की। जनरल कोच में एक आरोपी ऊपर की बर्थ पर सो रहा था, जबकि दो अन्य कोच के गेट के पास खड़े थे। टीम ने तस्वीरों के आधार पर तीनों की पहचान की और उन्हें डिटेन कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी जयपुर पहुंचने से पहले ट्रेन के आउटर पर उतरने वाले थे। वहां से वे टैक्सी के जरिए दिल्ली होते हुए नेपाल भागने की फिराक में थे। कम समय में यह सफलता टीमवर्क और आपसी समन्वय से मिली।’
कोटा सिटी के एडिशनल एसपी सुभाष मिश्रा ने बताया कि तीनों आरोपियों को न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से आरोपियों को मुम्बई ले जाने के लिए 48 घंटे के ट्रांजिक्ट रिमांड के लिए मुम्बई पुलिस को सौंप दिया गया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कोटा में शूटर्स की गिरफ्तारी पर कोटा एसपी तेजस्विनी गौतम से फोन पर बात की और पुलिस की कार्रवाई के लिए उनकी हौसला अफजाई की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री लगातार अपराधियों को चेतावनी देते रहे हैं कि राजस्थान में अपराधी आ नहीं सकता और अगर आ गया तो जा नहीं सकता।
Updated on:
19 Oct 2026 08:37 pm
Published on:
19 Oct 2026 08:37 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
