
Rain Update : जयपुर में गिरे ओले, बढ़ी ठंड। फोटो पत्रिका
Rain Update : राजस्थान में अक्टूबर का तीसरा सप्ताह शुरू हो गया है। मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मौसम विभाग की नई भविष्यवाणी के अनुसार 23-24 अक्टूबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। जिसके असर से मौसम में फिर बदलाव दिखाई देगा। फिलहाल जयपुर में रविवार दोपहर बाद ओले गिरे और बारिश हुई। शाम को मौसम पूरी तरह सुहाना रहा और मौसम में ठंडक रही। मौसम विभाग ने 18 अक्टूबर को जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग में बारिश की संभावना के बाद 19 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है। इससे पहले 18 अक्टूबर को राज्य के अजमेर, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, दौसा, जयपुर, झालावाड़, करौली, कोटा, सवाई माधोपुर और टोंक जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज झोकेदार हवा का येलो अलर्ट जारी किया था।
मौसम विभाग के अलर्ट का असर राजधानी जयपुर सहित कई इलाकों में नजर भी आया। जयपुर में दोपहर बाद ओलावृष्टि और बारिश हुई। तेज हवा भी चली। इसके बाद मौसम में और ठंडक घुल गई। पिछले तीन दिन से हल्की से मध्यम बारिश का दौर चल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार अब बारिश पर ब्रेक लगेगा और मौसम शुष्क रहेगा। मौसम केन्द्र के अनुसार जयपुर में अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.7 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 22.7 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक है।
सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से बीते 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। टोंक के नगरफोर्ट में 23 MM बारिश दर्ज की गई। एक और नया पश्चिमी विक्षोभ अब 23-24 अक्टूबर को सक्रिय होने की संभावना बन रही है। राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर का 38 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान माउंटआबू का 15.3 डिग्री सेल्सियस रहा। सिरोही का न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम केंद्र के अनुसार, सोमवार से तीन-चार दिन मौसम शुष्क रहेगा और बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। इसका असर पश्चिमी राजस्थान में अधिक रहेगा। इसके बाद उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में 23-24 अक्टूबर को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके चलते फिर से बारिश के आसार हैं।
बारां कृषि उपज मंडी में रविवार दोपहर बाद हुई करीब 20-25 मिनट की बारिश से सूखने के लिए फैलाई गई मक्का तरबतर हो गई। मंडी में 20 हजार से अधिक कट्टों की मक्का अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर सूखने के लिए फैलाई गई थी। इसमें करीब 20 प्रतिशत मक्का कई किसानों की भी है। व्यापारियों ने बताया कि अब मक्का को सूखने में तीन-चार दिन और लगेंगे।
Updated on:
18 Oct 2026 09:17 pm
Published on:
18 Oct 2026 09:14 pm
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