राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चल रही चर्चा के दौरान उस वक्त हंगामा मच गया, जब बीजेपी विधायक ने राहुल गांधी को 'पप्पू' शब्द से संबोधित किया। इस दौरान बीजेपी विधायकों ने 'पप्पू-पप्पू' के नारे भी लगाए।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चल रही चर्चा के दौरान सियासी माहौल गरमा गया। ब्यावर से भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत की एक टिप्पणी को लेकर कांग्रेस विधायकों ने सदन में जोरदार विरोध और नारेबाजी की। इस दौरान शंकर सिंह रावत ने राहुल गांधी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया।
बहस के दौरान शंकर सिंह रावत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर 'पप्पू' शब्द का इस्तेमाल किया। इस पर कांग्रेस विधायकों ने तुरंत ऐतराज जताते हुए सदन में हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस का आरोप था कि इस तरह की भाषा संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ है और इससे सदन की गरिमा प्रभावित होती है।
अपनी बात रखते हुए भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत ने कहा कि राहुल गांधी विदेशों में जाकर देश की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी को इस तरह के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए और सदन का समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। उनकी इस टिप्पणी पर विवाद और गहरा गया।
स्थिति को बिगड़ता देख सभापति ने हस्तक्षेप किया और शंकर सिंह रावत को सदन में मर्यादित और संयमित भाषा का प्रयोग करने की सलाह दी। सभापति ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है।
इसी दौरान मंत्री अविनाश गहलोत ने रावत के बयान का बचाव करते हुए कहा कि विधायक ने जो कहा है, वह तथ्यों पर आधारित है। उन्होंने दावा किया कि सार्वजनिक मंचों और उपलब्ध सूचनाओं में वही बातें सामने आती हैं, जिनका उल्लेख किया गया है।
इस दौरान शंकर सिंह रावत ने राहुल गांधी के लिए कहा कि वे अब बच्चे नहीं हैं, बड़े हो गए हैं। रावत ने राहुल गांधी की शादी को लेकर भी व्यक्तिगत टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार में सभी योजनाएं गांधी परिवार के परिवार के नाम से शुरू की गईं। वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नाम से किसी भी योजना को नहीं चलाया।
लगातार बढ़ते हंगामे और शोर-शराबे के चलते सदन की कार्यवाही बाधित होती रही। अंततः स्थिति सामान्य न होने पर विधानसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। सदन को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की गई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है और सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच टकराव और गहरा होता नजर आ रहा है।