
CA Abhishek Jain: आयकर विभाग की विदेशी परिसंपत्ति अन्वेषण इकाई की शिकायत पर जयपुर के पत्रकार कॉलोनी थाने में CA अभिषेक जैन के खिलाफ कथित वित्तीय धोखाधड़ी और फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने की एफआइआर दर्ज करवाई है। आयकर विभाग में फॉरेन एसेट्स इन्वेस्टिगेशन यूनिट जयपुर के डिप्टी डायरेक्टर (अन्वेषण) मिंटूलाल मीणा की ओर से दर्ज एफआइआर में बताया कि फर्जी और शेल कंपनियों के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 में करीब 23 अरब 95 करोड़ 63 लाख 97 हजार 271 रुपए विदेश भेजे गए। विभाग की शिकायत के अनुसार, इतनी बड़ी राशि के विदेश हस्तांतरण में नियमों के पालन और दस्तावेजों की सत्यता को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। मामले की जांच अब पुलिस और आयकर विभाग दोनों स्तरों पर आगे बढ़ाई जा रही है।
आयकर विभाग ने गत 18 अगस्त को सीए अभिषेक जैन के मानसरोवर स्थित कार्यालय में जांच की थी। जांच में सामने आया कि उन्होंने विदेश धन भेजने के लिए 3168 फॉर्म 15सीबी प्रमाणपत्र जारी किए। आरोप है कि प्रमाणपत्र जारी करने से पहले संबंधित कंपनियों के खातों, दस्तावेजों, कर निवास प्रमाणपत्र और लेन-देन की आवश्यक जांच नहीं की गई। जांच एजेंसी अब ये भी पता लगाने में जुटी है कि इन प्रमाणपत्रों के आधार पर किन-किन संस्थाओं और व्यक्तियों ने विदेश में धन भेजा तथा इस पूरी प्रक्रिया में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
रिपोर्ट में बताया कि जांच के दायरे में आई 40 संस्थाएं और व्यक्ति ऐसे हैं जिनमें कई आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे थे और उनका कारोबार और आय बेहद कम थी जबकि उनके माध्यम से भारी रकम विदेश भेजी गई। आयकर विभाग के अनुसार, फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर विदेशी मुद्रा का यह हस्तांतरण हुआ, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार को नुकसान पहुंचने की आशंका है। विभाग ने पुलिस को सीए अभिषेक जैन के साथ अन्य बिचौलियों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच करने के लिए भी कहा है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित वित्तीय अनियमितताओं की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकेगी।
आयकर विभाग की रिपोर्ट पर एफआइआर दर्ज की गई है। आयकर विभाग ने उपलब्ध करवाए दस्तावेजों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
राजर्षि राज, डीसीपी साउथ, जयपुर पुलिस कमिश्नरेट