राज्य स्तरीय पुलिस जवाबदेही समिति का मामला
जयपुर. लोगों की समस्या सुनने के लिए बनाई गई पुलिस जवाबदेही समिति में रोक के बावजूद गत कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक क्षेत्र के लोगों को सदस्य बना दिया था। ये सदस्य कांग्रेस के ही नेता थे। भजनलाल सरकार के समय समिति की पहली बैठक बुलाई गई, तो यह मामला सामने आया। पुलिस ने जब समिति के प्रावधान से अवगत कराया तो सरकार ने राजनीति से जुड़े तीन सदस्यों को हटा दिया। अब सरकार नए सदस्य नियुक्त करेगी, जिसके बाद ही बैठक बुलाई जाएगी।
इस समिति का गठन कांग्रेस सरकार ने अक्टूबर 2022 में किया था। इसमें अध्यक्ष जस्टिस एचआर कुड़ी को बनाया गया। साथ ही पूर्व विधायक गोपाराम मेघवाल, सुनीता भाटी व अजीज दर्द व एडीजी (कानून व्यवस्था) को सदस्य बनाया गया। नई सरकार बनने के बाद अध्यक्ष ने समिति की 26 फरवरी को बैठक बुलाई।
इस सूचना के बाद समिति की संरचना को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सरकार को पत्र लिखा। उसमें लिखा कि नियमानुसार समिति का सदस्य राजनीतिक पृष्ठभूमि का नहीं हो सकता। जबकि गोपाराम पूर्व विधायक हैं, सुनीता भाटी दोनों प्रमुख पार्टियों से जुड़ी रही हैं तथा अजीत दर्द पाली कांग्रेस अध्यक्ष हैं। पुलिस मुख्यालय ने यह भी राय मांगी की पूर्व में गठित समिति को यथावत रखा जाए या नई समिति की अपेक्षा की जाए। इस पर सरकार ने तत्काल राजनीतिक सदस्यों को समिति से हटा दिया है। इसके आदेश गृह विभाग ने जारी किए।
इसलिए बनाई जाती है समिति: जवाबदेही समिति गुड गर्वनेंस के लिए बनाई जाती है। पुलिस की कार्यशैली और ज्यादतियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। उसी याचिका पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने सरकारों को जवाबदेही कमेटियां बनाने के निर्देश दिए थे।