
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास। पत्रिका फाइल फोटो
जयपुर। राज्य सरकार ने बिजली कंपनियों में अव्यवस्थाओं, जर्जर विद्युत लाइनों के कारण करंट से मौतों के मामले में गंभीरता दिखाई है। जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इस तरह के मामलों में अब मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सीधे मॉनिटरिंग करेंगे। उन्होंने इस मामले को लेकर आज मुख्य सचिव ने राजस्थान ऊर्जा विभाग और तीनों बिजली वितरण कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
मुख्य सचिव ने इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियों के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए है। इन घटनाओं ने विभाग की कार्यप्रणाली और फील्ड स्तर पर निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब मुख्य सचिव स्वयं इस मामले में विभाग की गतिविधियों, योजनाओं का होमवर्क चैक करेंगे।
राजस्थान पत्रिका ने 8 जुलाई के अंक में प्रकाशित 'प्रवाह' कॉलम में 'मदहोश विभाग' शीर्षक से ऊर्जा विभाग और बिजली कंपनियों के संवेदनहीन होते प्रशासनिक तंत्र पर विस्तार से लिखा। इसमें कई पहलुओं की ओर ध्यान दिलाया गया है। इस टिप्पणी के माध्यम से बताया गया था कि किस तरह अधिकारियों और इंजीनियरों की लापरवाही, जर्जर बिजली लाइनों, समय पर रखरखाव नहीं होने के कारण करंट से मौतों की घटनाएं लगातार सामने आ रही है।
बता दें कि बारां शहर के मांगरोल दरवाजा क्षेत्र में मंगलवार रात करीब 9 बजे विद्युत सुधार कार्य करते समय एफआटी के एक संविदाकर्मचारी की बिजली करंट के बाद गिरने से मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद परिजन व ठेका कर्मचारी अस्पताल में जमा हो गए। सूचना पर जिला अस्पताल पहुंचे जेईएन सुनील मेहता ने बताया था कि एफआर टीम का ठेका कर्मचारी कमल प्रजापति (28) निवासी समसपुर रात करीब पौने नौ बजे मांगरोल दरवाजा क्षेत्र में टीम के साथ खंभे पर चढ़कर काम कर रहा था। संभवतया इसी दौरान समीप से गुजर रही रोड लाइन चालू होने से करंट की चपेट में आ गया। झटका लगने से नीचे गिर गया। उसे तत्काल अस्पताल ले गए। जहां जांच के बाद मृत घोषित कर दिया गया था।
इसके बाद मृतक के परिजनो ने मुआवजा और आश्रित को संविदा पर नौकरी दिलवाने की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था। सूचना मिलने पर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों से समझाइश की। अधिकारियों ने उन्हें उचित मदद दिलवाने का आश्वासन दिया। काफी समझाने के बाद दोपहर करीब 12 बजे परिजन शव लेने को राजी हुए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था।
Updated on:
09 Jul 2026 09:27 am
Published on:
09 Jul 2026 08:51 am
