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राजस्थान हाईकोर्ट LDC भर्ती परीक्षा में असली अभ्यर्थी के बाद अब डमी कैंडिडेट भी गिरफ्तार

राजस्थान हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा-2022 में असली अभ्यर्थी ब्रजेश कुमार मीणा की गिरफ्तारी के बाद अब एसओजी ने उसकी जगह परीक्षा देने वाले डमी अभ्यर्थी महेंद्र कुमार बिश्नोई (30) को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महेंद्र, जालौर जिले के झाब थाना क्षेत्र स्थित आखेरी गांव का रहने वाला है।
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जयपुर

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Kamal Mishra

Jul 08, 2026

Rajasthan High Court LDC Exam

Rajasthan High Court LDC Exam: गिरफ्तार आरोपी महेंद्र कुमार बिश्नोई (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा-2022 में सामने आए डमी अभ्यर्थी मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए असली अभ्यर्थी की गिरफ्तारी के बाद अब उसकी जगह परीक्षा देने वाले फर्जी उम्मीदवार को भी गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई भर्ती परीक्षाओं में दूसरे अभ्यर्थियों की जगह बैठकर परीक्षा दी थी। एसओजी अब उसके पूरे नेटवर्क और अन्य मामलों की गहन जांच कर रही है।

एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान महेंद्र कुमार बिश्नोई (30) के रूप में हुई है। वह जालौर जिले के झाब थाना क्षेत्र के आखेरी गांव का निवासी है। आरोप है कि 19 मार्च 2023 को आयोजित राजस्थान हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा में उसने असली अभ्यर्थी ब्रजेश कुमार मीणा की जगह दौसा के एक परीक्षा केंद्र पर फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए परीक्षा दी थी।

डमी कैंडिडेट के परीक्षा देने से लगी थी नौकरी

जांच में सामने आया कि इसी परीक्षा के आधार पर ब्रजेश कुमार मीणा का चयन हुआ और उसे धौलपुर जिले के बाड़ी स्थित एसीजेएम कोर्ट में नियुक्ति मिल गई। हालांकि बाद में एसओजी की जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर ब्रजेश को नौकरी से बर्खास्त कर गिरफ्तार कर लिया गया। अब डमी उम्मीदवार महेंद्र कुमार की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे रैकेट की परतें खुलने लगी हैं।

इन परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी बन चुका है महेंद्र

एसओजी के महानिरीक्षक अजयपाल लांबा के अनुसार, शुरुआती जांच में महेंद्र कुमार बेहद शातिर अपराधी निकला है। उसने केवल हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा ही नहीं, बल्कि प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा-हिंदी) भर्ती परीक्षा-2022, वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 और वरिष्ठ अध्यापक (संस्कृत शिक्षा) भर्ती परीक्षा-2022 में भी अन्य अभ्यर्थियों की जगह डमी बनकर परीक्षा दी थी। एसओजी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है तथा कितनी भर्ती परीक्षाओं में इस तरह का फर्जीवाड़ा किया गया।

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5 जुलाई को हुई परीक्षा में भी नकल का खुलासा

इधर, राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर एक और मामला सामने आया है। 5 जुलाई को आयोजित लिपिक ग्रेड द्वितीय (एलडीसी) भर्ती परीक्षा में जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर कथित नकल प्रकरण की जांच में प्रश्नपत्र बाहर ले जाकर एक महिला अभ्यर्थी को अनुचित लाभ पहुंचाने की पुष्टि हुई है। इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शेष आरोपियों से पूछताछ जारी है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने प्रदेश की भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।