
राजस्थान कांग्रेस में बड़े बदलाव की तैयारी (पत्रिका फाइल फोटो)
Rajasthan Congress Reshuffle: जयपुर: राजस्थान कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी में जल्द बड़ा फेरबदल होने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व मौजूदा कार्यकारिणी का आकार घटाकर उसे अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, अभी विभिन्न विस्तारों के बाद कार्यकारिणी में 400 से अधिक पदाधिकारी हैं, जिन्हें घटाकर 200 से भी कम करने की कवायद चल रही है।
बताया जा रहा है कि हाल ही प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा इस संबंध में दिल्ली में संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा से चर्चा कर चुके है। सभी पदाधिकारियों की कार्यशैली और संगठनात्मक सक्रियता की रिपोर्ट के आधार पर नई टीम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नई कार्यकारिणी में सक्रिय कार्यकर्ताओं, नए चेहरों, विधायकों, सांसदों, पूर्व सांसदों और अनुभवी नेताओं को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की रणनीति है।
डोटासरा के अध्यक्ष बनने के बाद यह प्रदेश कार्यकारिणी का तीसरा पुनर्गठन होगा। 2020 में पहली छोटी टीम बनी थी, जबकि 2022 और विधानसभा-लोकसभा चुनावों के दौरान कई चरणों में विस्तार हुआ, जिससे पदाधिकारियों की संख्या काफी बढ़ गई। अब निकाय और पंचायत चुनावों को देखते हुए संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने पर जोर है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की मंजूरी के बाद नई कार्यकारिणी की घोषणा जल्द होने की संभावना है।
राजस्थान में आगामी चुनाव को जीतने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक नया 'डिजिटल चक्रव्यूह' तैयार किया है। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने दावा किया है कि चुनावी रण में विपक्ष को मात देने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक मजबूत और सक्रिय 'डिजिटल सेना' पूरी तरह से तैयार है।
इस नई रणनीति के तहत कांग्रेस पारंपरिक प्रचार के साथ-साथ अब सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी पकड़ को और मजबूत कर रही है। गोविंद सिंह डोटासरा के अनुसार, पार्टी ने बूथ स्तर तक अपने कार्यकर्ताओं को डिजिटल रूप से जोड़ने की योजना बनाई है। इसके जरिए सरकार की कमियों को जनता के सामने उजागर किया जाएगा और कांग्रेस की नीतियों व संदेश को सीधे मतदाताओं के मोबाइल तक पहुंचाया जाएगा।
डोटासरा ने विश्वास जताया है कि यह डिजिटल आर्मी न केवल सोशल मीडिया पर चल रहे भ्रामक प्रचार और फेक न्यूज का मुकाबला करेगी, बल्कि पार्टी के पक्ष में सकारात्मक माहौल बनाने का भी काम करेगी। पार्टी आलाकमान के निर्देशानुसार, कार्यकर्ताओं को इसके लिए विशेष ट्रेनिंग भी दी जा रही है। राजस्थान कांग्रेस का मानना है कि आज के दौर में डिजिटल उपस्थिति ही चुनाव की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाती है, और कांग्रेस इस मोर्चे पर विपक्ष से दो कदम आगे रहने के लिए कमर कस चुकी है।
Updated on:
08 Jul 2026 04:49 pm
Published on:
08 Jul 2026 04:49 pm
