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राजस्थान में करंट से 3 युवकों की मौत: सगे भाइयों की गई जान, डेढ़ महीने पहले ही डिस्कॉम में लगी थी सौरभ की नौकरी

जयपुर ग्रामीण में करंट के दो हादसों ने तीन परिवारों को गहरा सदमा दे दिया। चंदवाजी में खेत पर काम करते समय दो सगे भाइयों की मौत हो गई और मनोहरपुर में बिजली लाइन दुरुस्त करते हुए एक ठेका कर्मचारी ने भी दम तोड़ दिया।
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Death From Electric Current

मृतकों की फाइल फोटो: पत्रिका

3 Youth Died From Electric Shock: जयपुर ग्रामीण इलाके में सोमवार को विद्युत करंट की दो अलग-अलग घटनाओं ने तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए। चंदवाजी में खेत में स्टार्टर ठीक करते समय दो सगे भाइयों की और मनोहरपुर में बिजली लाइन दुरुस्त करते समय एक ठेका कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई। दोनों ही मामलों में विद्युत निगम और ठेकेदारों की गंभीर लापरवाही सामने आई है।

बड़े भाई को बचाने दौड़ा छोटा भाई

पहली घटना चंदवाजी थाना क्षेत्र के मानपुरा माचैड़ी (डोड़वाड़ियों की ढाणी) में हुई। यहां खेत में विद्युत लाइन का तार टूटने से स्टार्टर मोटर बंद हो गई थी। आरोप है कि संविदा लाइनमैन ने मरम्मत के दौरान सुरक्षा प्रक्रिया (शटडाउन) का पालन किए बिना ही रूंडल ग्रिड से बिजली आपूर्ति चालू करवा दी। इसके चलते पोल और स्टार्टर में हाईटेंशन करंट दौड़ गया। इसकी चपेट में आकर पहले बड़ा भाई रामचंद्र जाट (45) झुलस गया।

उसे तड़पता देख बचाने दौड़ा छोटा भाई कैलाश जाट (42) भी करंट की गिरफ्त में आ गया। इलाज के लिए जयपुर लाते समय दोनों भाइयों ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने मानपुरा पुलिया पर एम्बुलेंस रोककर विरोध जताया तथा एक शव को मानपुरा विद्युत ग्रिड के बाहर रखकर धरना शुरू कर दिया। करीब चार घंटे तक प्रदर्शन चला। प्रशासन और निगम अधिकारियों के साथ लंबी वार्ता के बाद नियमानुसार मुआवजा, दोनों परिवारों के एक-एक सदस्य को संविदा पर नौकरी और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।

डेढ़ महीने पहले ही नौकरी पर लगा सौरभ

दूसरा हादसा मनोहरपुर के हनुतपुरा फीडर क्षेत्र में हुआ। यहां बिजली लाइन पर काम करते समय ठेका कर्मचारी सौरभ चौधरी (26) करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सौरभ महज डेढ़ महीने पहले ही डिस्कॉम में ठेके पर भर्ती हुआ था। बताया जा रहा है कि हादसे के समय सुरक्षा इंतजामों और नियमों की अनदेखी के आरोप भी सामने आए हैं। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई। हादसे के बाद गुस्साए परिजन ने विद्युत कार्यालय के बाहर धरना देकर ठेकेदार और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामे के बाद दोनों पक्षों में समझौता हुआ, जिसके तहत ठेकेदार ने मृतक के पिता को 8 लाख रुपए का चेक सौंपा और बिजली कर्मचारियों ने भी स्वैच्छिक आर्थिक सहयोग का भरोसा दिया।