
अस्पताल में भर्ती डकैत जगन गुर्जर की पत्नी कोमेश गुर्जर (पत्रिका फोटो)
Jagan Gurjar Wife Komesh Gurjar Statement: धौलपुर: कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या ने चंबल के बीहड़ों की पुरानी चिंगारी को फिर से सुलगा दिया है। पति की मौत के सदमे से धौलपुर के एक अस्पताल में भर्ती जगन गुर्जर की पत्नी कोमेश गुर्जर का गुस्सा फूट पड़ा है। होश आते ही उनके होंठों पर सिर्फ दो ही शब्द हैं 'बदला और इंसाफ।'
'कुबूल करवाओगे कि कब की दुश्मनी थी? क्यों उसने मेरे पति को मारा है…फिर मुझे तसल्ली आ जाएगी। इतने बड़े आदमी को ही धोखा दे दिया, गद्दारी कर दी…छोटे-मोटे आदमी का क्या? किसी की मां ने दूध पिलाया है तो एक बार मेरे पति का असली हत्यारा सामने आ जाए…या तो मैं रहूंगी या वो जिंदा रहेगा। मारने वाला बस कुबूल करके यह बता दे कि क्या दुश्मनी थी?' यह कोई फिल्मी संवाद नहीं, बल्कि चंबल के बीहड़ों को कभी थर्रा देने वाली पूर्व महिला डकैत कोमेश गुर्जर की दहाड़ है।
29 जून को उनके पति और कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद, कोमेश गहरे सदमे में हैं। गिरते ब्लड प्रेशर के कारण वो धौलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। लेकिन जैसे ही होश आता है, उनकी जुबान पर सिर्फ दो ही शब्द होते हैं इंसाफ और इंतकाम।
अस्पताल के बिस्तर से कोमेश ने पुलिस प्रशासन और सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल दागे हैं। उन्होंने सीधे तौर पर धौलपुर एसपी से मांग की है कि मुख्य आरोपी विष्णु जाट को सख्त रिमांड पर लिया जाए। कोमेश का कहना है, विष्णु जाट सिर्फ यह साफ कर दे कि यह मर्डर जेल प्रशासन ने कराया है, उसकी निजी दुश्मनी थी या फिर इसके पीछे कोई बड़ी राजनीतिक साजिश है। जब मैं जेल में थी, तो मेरी छोटी सी बच्ची की 50 बार चेकिंग होती थी। फिर इतनी सुरक्षित जेल में हत्या का हथियार और साजिश कैसे पहुंच गई? जेलर और सुपरिटेंडेंट को इसका जवाब देना होगा।
कोमेश गुर्जर ने अपने देवर पप्पू गुर्जर (जो जगन के अंतिम संस्कार के लिए पैरोल पर बाहर आया है) के हवाले से जेल के भीतर चल रहे 'खूनी खेल' का पर्दाफाश किया है। शुरुआत में जगन और उनके भाई पप्पू दोनों एक ही वार्ड में थे। लेकिन साजिश के तहत 16 मई को जगन को दूसरे ब्लॉक में शिफ्ट कर दिया गया ताकि वो अकेले पड़ जाएं। 27 जून को जानबूझकर आरोपी विष्णु जाट को जगन की सेल में भेजा गया। इसके ठीक दो दिन बाद यानी 29 जून को वारदात को अंजाम दे दिया गया।
हत्या वाले दिन (29 जून) की सुबह ही जगन की अपनी पत्नी कोमेश से जेल के एसटीडी फोन पर बात हुई थी। कोमेश ने रुंधे गले से बताया कि जगन बेहद सामान्य थे। उन्होंने बताया था कि जेलर उनसे पूछ रहा था कि तुम्हारी जमानत कब हो रही है? दरअसल, उसी दिन कोर्ट में जगन की बेल अर्जी पर सुनवाई थी। स्टॉफ को डर था कि जगन बाहर आ जाएगा, इसलिए आनन-फानन में इस वारदात को अंजाम दे दिया गया।
कोमेश का अतीत गवाह है कि वो जुल्म के आगे झुकती नहीं हैं। उनके पिता (गांव के सरपंच छीतरिया गुर्जर) की हत्या के बाद वो प्रतिशोध की आग में चंबल कूदी थीं। वहीं उनकी मुलाकात जगन गुर्जर से हुई, जिन्होंने कोमेश को बंदूक चलाना सिखाया और शादी कर ली।
Updated on:
06 Jul 2026 05:27 pm
Published on:
06 Jul 2026 05:06 pm
