
धौलपुर, विद्युत लाइन पर काम करने के दौरान तोड़ी पेयजल लाइन
धौलपुर.एक ओर जहां चम्बल का पानी लिफ्ट कर भरतपुर भेजा जा रहा है, वहीं शहर के कई क्षेत्रों में अभी भी चम्बल का पानी नसीब नहीं हो रहा। मामला शहर की नई बसाहटों का है, जहां जलदाय विभाग पेयजल पाइप लाइन नहीं डाल सका। जहां लाइन डल चुकी हैं वहां के घरों में पानी नहीं पहुंच सका है। जिस कारण पुरानी छावनी, सदर थाना, रीको एरिया, कुशल विहार क्षेत्रों की लगभग आधा कॉलोनी के 2० हजार से ज्यादा लोग चम्बल के पानी से महरूम हैं। भीषण गर्मी में स्थानीय कॉलोनी के लोग निजी संसाधनों से अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
समय के साथ शहर में नई कालॉनियां कट रही हैं जहां नवीन बसाहटें बढ़ती जा रही हैं। जिससे शहर की आबादी का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। हालांकि अभी कुछ कॉलोनियां नई हैं तो कई कॉलोनियों को दो से तीन साल तक हो चुके हैं, लेकिन इन कॉलोनियों में से कई कॉलोनियों में रहने वाले लोग अभी भी लाइट, पानी और सडक़ व्यवस्था से काफी दूर हैं। जिसकी गुहार स्थानीय लोग समय-समय पर लगा रहे हैं। इन जरूरी संसाधनों में पानी की आवश्यकता सर्वोपरि मानी गई है, लेकिन जानकारी के अनुसार शहर के पुरानी छावनी, आशियाना कालोनी, सदर थाना, सोलह खम्भा, तगावली और रीको क्षेत्र की आधा दर्जन के आसपास कॉलोनियों में जलदाय विभाग की पेयजल पाइप लाइन नहीं पहुंच सकी है।
जिन कॉलोनियों में पीएचईडी की पाइप लाइप पहुंच चुकी है वहां घरों में अभी तक पानी नहीं पहुंच सका है। जिस कारण लगभग 2० हजार से ज्यादा लोग निजी संसाधनों के ऊपर निर्भर हैं। हालांकि जानकारी के अनुसार जलदाय विभाग इन नवीन बसाहटों सहित उन क्षेत्रों में जहां पाइप लाइन नहीं पहुंच सकी हंै, वहां अमृत 2.0 के तहत पानी पहुंचाने को लेकर कार्ययोजना पर काम कर रहा है, लेकिन समय के साथ विभाग की प्रक्रिया भी लेट लतीफ होती जा रही है, जिस कारण भीषण गर्मी में पीने के पानी को लेकर क्षेत्रीय लोगों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
ढाई माह से नहीं पहुंचा घरों में पानी
एक ओर जहां आधा दर्जन क्षेत्रों की नवीन बसाहटों में पेयजल पाइप लाइन नहीं पहुंच सकी है तो वहीं शहर की कई कॉलोनियां ऐसी भी हैं जहां के घरों में पेयजल पाइप लाइन तो पहुंच चुकी हैं, लेकिन पानी का इंतजार अभी जारी है। वहीं शहर कॉलोनियों घोंसला विहार, बापू कॉलोनी में पिछले ढाई माह से घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। कॉलोनीवासियों ने बताया कि नगर परिषद के जलनिकासी को बनाए गए नाले के दौरान पेयजल पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। जिस कारण क्षेत्र के घरों के नलों पानी नहीं आ रहा। लोगों ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद भी अभी तक पेयजल पाइप लाइन को दुरुस्त नहीं किया गया है। जिस कारण पीने के पानी को लेकर काफी मशक्कत करनी पड़ रही है और लोग अड़ोस-पड़ोस में लगे निजी पानी के संसाधनों सहित मोल लेकर पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं।
जर्जर लाइनें, पहुंच रहा गंदा पानी
अब अगर धौलपुर शहर की पेयजल व्यवस्था पर बात की जाए तो यह पूर्ण रूप से अव्यवस्थित हो चुकी है। जिसका प्रमुख कारण शहर में 70 वर्ष पूर्व बिछी पेयजल पाइप लाइन है, जो सीवरों, नाले और नालियों में से होकर गुजर रही हैं। पाइप लाइनों के जर्जर होने के कारण घरों में गंदा पानी पहुंचने के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। मानसूनी के दौरान तो घरों में गंदा पानी पहुंचने की शिकायतें आम हो जाती हैं। पुराना शहर सहित मदीना कॉलोनी के कई घरों में अभी भी पाइप लाइन से गंदा पानी लोगों के घरों में पहुंच रहा है, जिसकी शिकायत लोग आए दिन करते रहते हैं।
जगह-जगह लीकेज, बह रहा व्यर्थ पानी
शहर की जमीन में बिछा सालों पुराना पेयजल तंत्र जर्जर हालात में पहुंच चुका है। यही कारण है कि शहर के कई क्षेत्रों में गंदा पानी घरों में पहुंच रहा है। तो वहीं पाइप लाइनों के जर्जर होने के कारण शहर में जगह-जगह लीकेज लोगों के लिए आफत बने हुए हैं। जिनमें से प्रतिदिन हजारों गैलन पीने योग्य पानी यूं ही व्यर्थ बह जाता है। मौजूदा समय में ही शहर में लगभग हर गली मोहल्लों सहित प्रमुख बाजारों में लीकेज मिल जाएगा, तोप तिराहा से लेकर बजरिया रोड पर ही दो लीकेजों से प्रतिदिन पानी यूं ही बह रहा है तो सर्किट हाउस लीकेज सहित अन्य लीकेजों को विभाग अभी तक दुरुस्त नहीं कर सका है।
Updated on:
06 Jul 2026 07:57 pm
Published on:
06 Jul 2026 07:57 pm
