
जयपुर। नेत्रदान महादान है..इसी भावना के साथ मरणोपरांत आंखें दान की जाती है। दूसरों की जिंदगी में नई रोशनी भरने के इस उद्देश्य में राजस्थान ने इस बार बाजी मारी है। कोविड महामारी के बावजूद कॉर्निया ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में बड़ी सफलता के साथ आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान की ट्रांसप्लांट दर पिछले तीन वर्ष में 70 प्रतिशत रही है। जबकि अंतरराष्ट्रीय दर 65 है। भारत की यह दर राजस्थान से काफी कम मात्र 45 से 50 प्रतिशत है।
सोसायटी ने 3 वर्ष में 4,411 कोर्निया प्राप्त कर 3059 कोर्निया ट्रांसप्लांट किए। वर्ष 2021 मे 1449 कोर्निया एकत्रित कर 1102 कोर्निया ट्रांसप्लांट किए गए। इनकी उपयोगिता दर 76 प्रतिशत रही, जो अब तक का रेकॉर्ड है।
सफलता पर मिला अवार्ड
कॉर्निया संग्रहण, प्रत्यारोपण और गुणवत्ता में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने के लिए आई बैंक एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से आई बैंक सोसाइटी को मानेसर गुरुग्राम में आयोजित 12 वें नेशनल कन्वेंशन में उत्कृष्टता ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया है। यह ट्रॉफी आई बैंक एसोसिएशन के अध्यक्ष मेजर जनरल जे.के.एस.परिहार और सचिव डा.नमृता शर्मा ने आई बैंक सोसाइटी आफ राजस्थान के अध्यक्ष, बी.एल. शर्मा को प्रदान की। सोसायटी के प्रवक्ता लक्ष्मण बोलिया के अनुसार कोरोना महामारी के बावजूद उत्तर भारत के 8 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश मे सोसायटी ने यह उत्कृष्टता कैसे हांसिल की।