जयपुर

55 साल तक कोर्ट में फैसला नहीं, लोक अदालत में किसान जीत गया

लोक अदालत में 35764 मामलों का निस्तारण, 2.41 अरब के अवार्ड जारी
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Updated: 14 Jul 2018, 11:11 PM IST
NATiONAL LOK ADALAT
बंगला-बगीचा रहवासी भी इस छूट का लाभ उठा सकते हैं।

जयपुर जिले के कोटखावदा गांव का एक किसान को गलती से गोचर दर्ज जमीन पर कब्जा वापस लेने के लिए 55 साल तक कानूनी संघर्ष किया। मामला जिला कलक्टर से लेकर राजस्व मंडल और हाईकोर्ट तक पहुंचा, लेकिन बार-बार हारकर भी सरकार कोर्ट में किसान के पक्ष में नहीं झुकी। शनिवार को हाईकोर्ट में लोक अदालत में राजीनामे से किसान को उसका हक मिल गया। हाईकोर्ट सहित प्रदेशभर में राष्ट्रीय लोक अदालत में 35 हजार 764 प्रकरण निस्तारित हुए और 2 अरब 41 करोड़ रुपए से अधिक के अवार्ड जारी किए गए।

राष्ट्रीय लोक अदालत का शनिवार सुबह जयपुर में न्यायाधीश मोहम्मद रफीक ने शुभारम्भ किया। हाईकोर्ट स्थित जयपुर पीठ में लोक अदालत में 5 मौजूदा न्यायाधीशों की बेंच ने सुनवाई की और इन बेंचों ने 1055 में से 321 प्रकरणों का निस्तारण किया। हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में लोक अदालत के दौरान 7 मौजूदा न्यायाधीशों की बेंच बनाई गई। इन बेंचों में 1637 मामले लगाए गए, जिनमें से 88 का निस्तारण हो गया।
ढाई लाख से अधिक प्रकरण चिन्हित किए थे

लोक अदालत के दौरान निस्तारण के लिए प्रदेशभर में 2 लाख 52 हजार 715 प्रकरण चिन्हित किए गए थे। 35 हजार 764 का निस्तारण हो गया। इनमें से 10 हजार से अधिक प्रकरण कोर्ट की प्रक्रिया में शामिल होने से पहले ही प्री लिटिगेशन के तहत तय हो गए। हाईकोर्ट की जयपुर पीठ में पारिवारिक विवाद से जुडे दो मामलों का निस्तारण किया गया। इस राजीनामे का असर हुआ कि इन मामलों की वजह से विभिन्न जगह चल रहे कुल 11 प्रकरणों का निस्तारण हो गया।
64 पारिवारिक मामलों का निस्तारण
लोक अदालत के दौरान जयपुर के दो पारिवारिक न्यायालयों में 64 प्रकरणों का निस्तारण हुआ। जयपुर के पारिवारिक न्यायालय के जज हरविन्दर सिंह ने बताया कि उन्होंने सात दिन पहले ही पदभार संभाला है। इसके बाद 6 दिन में 6 जोड़े विवाद समाप्त कर एक साथ जाने को राजी किए। ये जोडे सालों से अलग—अलग रह रहे थे।

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