
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना को लेकर कुछ ऐसा कहा है, जो पूरी दुनिया के लिए चिंता की बात है। WHO के इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशन इमरजेंसी कमेटी का दावा है, इंसानों और जानवरों के बीच कोरोना वायरस संक्रमण को खत्म करना संभव नहीं है। हेल्थ कमेटी का कहना है कोरोना के गंभीर प्रभाव को कम किया जा सकता है, लेकिन कोरोना खत्म नहीं हुआ है। ये एक ग्लोबल इमरजेंसी के रूप में हमेशा रहेगा। WHO की इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशन इमरजेंसी कमेटी का यह भी कहना है कोरोना की वजह से सबसे अधि हेल्थ सिस्टम प्रभावित हुआ है।
असली आंकड़े बहुत अधिक हो सकते हैं !
WHO के डायरेक्टर टेड्रोस ने कहा बीते कुछ सप्ताह में कोरोना वायरस के कारण 1.70 लाख लोगों की मौत हो गई। ये ऐसे मामले हैं, जिन्हें कभी रिपोर्ट नहीं किया गया। असली आंकड़े इससे बहुत अधिक हो सकते हैं। टेड्रोस ने यह भी कहा है, कोरोना वायरस को कम समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। ये वायरस लगातार आश्चर्यचकित कर रहा है। इसे रोकने के लिए और अधिक कोशिश करनी होगी। यह वायरस यह आने वाली कई पीढ़ियों तक बना रहेगा। इसके लिए लोगों को अपना इम्यून सिस्टम बेहतर करना होगा। इसके लिए सही वैक्सीन का इस्तेमाल और ज्यादा से ज्यादा लोगों का वैक्सीनेशन करना होगा।
सफेद पूंछ वाले हिरण में सार्स-सीओवी-2
यहाँ चिंता की बात यह भी कि अमरीका में एक स्टडी के दौरान साइंटिस्ट की टीम ने कोरोना के खतरनाक लक्षण वाले वेरिएंट के बार में जानकारी इकट्ठा की है। वायरस का यह वेरिएंट किसी इंसान नहीं बल्कि जानवर में मिला है। सफेद पूंछ वाले हिरण में वैज्ञानिकों ने सार्स-सीओवी-2 वेरिएंट पाया है। यह अध्ययन शोध पत्रिका ‘प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज’ में प्रकाशित हुआ है।
कोरोना लहर
बात हम अपने देश की करें तो देश में कोरोना का पहला केस 30 जनवरी 2020 को केरल में सामने आया था। पहली लहर का पीक 17 सितंबर 2020 को आया। उस दिन करीब 98 हजार केस सामने आए थे। 10 फरवरी 2021 से पहली लहर कमजोर हुई और मामले कम होने लगे। पहली लहर करीब 377 दिन तक चली थी। दूसरी लहर में मार्च 2021 से ही संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने लगे। अप्रैल और मई में दूसरी लहर अपने चरम पर थी। 1 अप्रैल से 31 मई यानी 61 दिन तक कोरोना की दूसरी लहर ने तबाही मचाई। ओमिक्रॉन की वजह से देश में तीसरी लहर की शुरुआत हुई। 27 दिसंबर 2021 से तीसरी लहर शुरू हुई।